शांति को मिली चुनौती तो भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से दिया जवाब, एयर मार्शल ने बताया कैसे पाकिस्तान को धोया

Published by :Pritish Sahay
Published at :07 May 2026 4:27 PM (IST)
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Operation Sindoor

एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती (दाएं से दूसरे), फोटो- पीटीआई

Operation Sindoor: पूरा देश ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ बना रहा है. इस मौके पर एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि भारत हमेशा जीओ और जीने दो के सिद्धांत पर चलता है. लेकिन, जब उसकी शांति की इच्छा को कमजोरी समझा जाता है, तब वह ऑपरेशन सिंदूर की तरह कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटता. भारती ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत संयम बरतता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर ताकतवर और मुंहतोड़ जवाब भी दे सकता है. एयर मार्शल भारती ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए नागरिकों को हम वापस नहीं ला सकते हैं, लेकिन यह तय कर सकते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

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Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. यह एक सुनियोजित त्रि-सेवा सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य नियंत्रण रेखा के पार और पाकिस्तान के भीतर सक्रिय आतंकी ढांचे को ध्वस्त करना था. भारतीय खुफिया एजेंसियों की ओर से जुटाई गई जानकारी के आधार पर नौ प्रमुख आतंकी शिविरों की पहचान की गई. इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिये इन आतंकी कैंपों को तबाह किया गया. भारत ने पूरे अभियान को बहुत सावधानी और रणनीतिक योजना के साथ पूरा किया, ताकि नागरिकों को जरा भी नुकसान न पहुंचे.

आर्मी, एयर फोर्स और नेवी को आतंकियों के खिलाफ अभियान की थी खुली छूट

एयर मार्शल भारती ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर अभियान शुरू करने से पहले रणनीतिक निर्देश दे दिए गए थे. सेना, वायुसेना और नौसेना को कार्रवाई की छूट दी गई थी. मिशन का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान दोनों में स्थित आतंकी ढांचे को ध्वस्त करना था. उन्होंने कहा कि यह कोई आधा-अधूरा कदम नहीं था, बल्कि आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सुनियोजित और निर्णायक कार्रवाई थी. उन्होंने बताया कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेनाओं के प्रमुखों से बनी चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी ने हर विकल्प पर गंभीर विचार-विमर्श किया.

भारतीय वायुसेना ने तबाह किए आतंकियों के ठिकाने

एयर मार्शल भारती ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने जम्मू कश्मीर के साथ-साथ पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकी ढांचों और सामरिक ठिकानों पर भी सटीक हवाई हमले किए. नूर खान एयर बेस और रहीमयार खान एयर बेस जैसे ठिकानों को भी निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि आधिकारिक ब्रीफिंग के दौरान इन हमलों के वीडियो एविडेंस भी पेश किए गए. एयर मार्शल भारती ने बताया- 7 मई 2025 की सुबह जब पहला हमला किया गया, तब वह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की सामूहिक इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक थी. उन्होंने कहा कि यह पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों के लिए आंशिक न्याय की तरह था.

पाकिस्तान के जवाबी हमले और भारत की रक्षा प्रणाली

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई. उनकी तरफ से कई ड्रोन और यूसीएवी हमले किए. पाकिस्तानी ड्रोन का टारगेट इनका लक्ष्य भारतीय हवाई अड्डों और रसद सप्लाई को नुकसान पहुंचाना था. लेकिन, यहां भी पाकिस्तानी मंसूबे ढेर हो गये. भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली (Multi-Layered Air Defense System) ने इन प्रयासों को विफल कर दिया. एयर फोर्स की एकीकृत वायु कमान (Integrated Air Command) और नियंत्रण प्रणाली (Control System) ने समय रहते खतरों की पहचान और उन्हें नष्ट कर दिया. स्वदेशी आकाश मिसाइल (सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल) के साथ पेचोरा और ओएसए-एके जैसे पुराने रक्षा प्लेटफॉर्म भी प्रभावी साबित हुए.

थल सेना और बीएसएफ की सतर्कता

भारतीय सेना ने इस अभियान के दौरान रक्षात्मक और आक्रामक (Defensive and Offensive) दोनों मोर्चों पर अपनी क्षमता दिखाई. सेना की वायु रक्षा इकाइयों ने सेना की वायु रक्षा इकाइयों ने वायुसेना के साथ मिलकर काम किया और कंधे से दागी जाने वाली MANPADS और LLAD तोपों से लेकर लंबी दूरी की SAM तक कई तरह की प्रणालियां तैनात दुश्मन के ड्रोन और हवाई हमलों को विफल किया. पाकिस्तान की तरफ से नुकसान पहुंचाने के अथक प्रयासों के बावजूद, भारतीय सेना सैन्य और नागरिक दोनों ही बुनियादी ढांचों की सुरक्षा करने में सफल रही. वहीं, सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में घुसपैठ की बड़ी कोशिश को नाकाम किया. बीएसएफ जवानों ने संदिग्ध गतिविधियों को पहचानकर तत्काल कार्रवाई करते हुए दो घुसपैठिए को मार गिराया और भारी मात्रा में हथियार तथा गोला-बारूद बरामद किया.

समुद्र में नौसेना ने बना रखा था अपना दबदबा

भारतीय नौसेना ने भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान समुद्री क्षेत्र में पूर्ण वर्चस्व बनाए रखा था. इंडियन नेवी ने मिग-29के लड़ाकू विमानों और हवाई चेतावनी हेलीकॉप्टरों से लैस अपने कैरियर बैटल ग्रुप (CBG) को अरब सागर में तैनात किया हुआ था. नौसेना की रणनीतिक मौजूदगी ने पाकिस्तानी एयर फोर्स की गतिविधियों को सीमित कर दिया और पश्चिमी तट पर एक मजबूत डिफेंस तैयार किया. चौबीसों घंटे चलाए गए हवाई अभियानों ने भारत की रणनीतिक तैयारी और समुद्री शक्ति का प्रदर्शन किया.

ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को संदेश

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह भारत का स्पष्ट रणनीतिक संदेश भी था कि आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ भारत अब अधिक निर्णायक रुख अपनाएगा. जरूरत पड़ने पर सैन्य अभियान भी चलाएगा. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तीनों सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों के बीच गजब का तालमेल दिखा. पूरे अभियान ने भारत की सैन्य क्षमता को दुनिया के सामने मजबूती से रखा.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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