सहरसा में मिड-डे मील में मिला सांप का बच्चा? बलुआहा स्कूल में 24 से ज्यादा बच्चे पड़े बीमार

बीमार छात्र
Saharsa: सहरसा के मध्य विद्यालय बलुआहा में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. दो दर्जन से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. भोजन में संदिग्ध पदार्थ मिलने के आरोप के बाद अभिभावकों ने हंगामा किया.
Saharsa: सहरसा जिले के मध्य विद्यालय बलुआहा में गुरुवार को मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई. देखते ही देखते स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. एक-एक कर कई बच्चों ने उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत की. इसके बाद उन्हें तुरंत महिषी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. अब तक दो दर्जन से अधिक बच्चों के इलाज की पुष्टि हुई है.
घटना के बाद बच्चों और उनके परिजनों ने सवाल उठाए हैं. कई बच्चों ने बताया कि खाने में किसी मृत जीव जैसी चीज दिखी, जो सांप के बच्चे जैसी लग रही थी. आरोप है कि इसी संदिग्ध भोजन को खाने के बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी.
अस्पताल में भर्ती कर शुरू हुआ इलाज
बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत महिषी सीएचसी पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों की टीम ने सभी बच्चों का इलाज शुरू किया. कई बच्चों की हालत अब बेहतर बताई जा रही है, जबकि कुछ को निगरानी में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग लगातार बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए. अपने बच्चों की हालत देखकर परिजनों में आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोगों ने स्कूल प्रशासन और भोजन व्यवस्था पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा.
स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चों ने किया था भोजन
जानकारी के मुताबिक स्कूल में कुल 719 बच्चे नामांकित हैं. गुरुवार को 543 बच्चे उपस्थित थे, जिनमें करीब 120 बच्चों ने मिड-डे मील खाया था. भोजन के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे पूरे इलाके में चिंता बढ़ गई.
बताया गया है कि स्कूल में मिड-डे मील की आपूर्ति एक एनजीओ के जरिए होती है, जो पहले से तैयार भोजन पहुंचाता है. घटना के बाद इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. लोगों का कहना है कि बच्चों के खाने की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए.
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जांच और कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उनका कहना है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और भोजन के नमूने की जांच कराए जाने की बात कही है.
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चों की सुरक्षा और भोजन की शुद्धता को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है.
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लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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