22 में से 2 जहाजों भारत रवाना, होर्मुज से गुजरकर भारत आएंगे पाइन गैस और जग वसंत

Updated at : 23 Mar 2026 4:22 PM (IST)
विज्ञापन
Middle East Crisis

पाइन गैस और जग वसंत भारत रवाना, फोटो- पीटीआई

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में फंसे 22 भारतीय जहाजों में से दो एलपीजी टैंकर, पाइन गैस और जग वसंत सुरक्षित रूप से य्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत की ओर रवाना हो रहे हैं. दोनों जहाजों के जल्द ही भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना हैं.

विज्ञापन

Middle East Crisis: भारत के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय ध्वज वाले दो और एलपीजी टैंकर फारस की खाड़ी से आगे बढ़ना शुरू कर चुके हैं और जल्द ही स्ट्रेज ऑफ होर्मुज पार कर भारतीय बंदरगाहों की ओर रवाना होंगे. जहाज निगरानी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, पाइन गैस और जग वसंत नामक ये दोनों टैंकर सोमवार दोपहर ईरान के लारक और क्वेशम द्वीप के बीच स्थित जलक्षेत्र के पास देखे गए. दोनों जहाज एक-दूसरे के करीब चल रहे हैं. ये दोनों टैंकर उन 22 भारतीय ध्वज वाले जहाजों में शामिल हैं, जो पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के बाद फारस की खाड़ी क्षेत्र में फंस गए थे.

2 एलपीजी जहाज भारत के लिए रवाना

पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले तथा ईरान के पलटवार के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया. इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास 28 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे. इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में और 4 पूर्वी हिस्से में थे. मौजूदा समय में युद्ध प्रभावित क्षेत्र में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज अब भी मौजूद हैं. इनमें से 22 जहाज पश्चिमी हिस्से में फंसे हैं, जिन पर 611 नाविक सवार हैं, जबकि 2 जहाज पूर्वी हिस्से में हैं. पश्चिमी हिस्से में फंसे 22 जहाजों में 6 एलपीजी वाहक शामिल हैं, जिनमें से अब 2 जहाज भारत के लिए रवाना हो चुके हैं.

4 जहाज पहले ही पहुंच चुके हैं भारत

इससे पहले भी भारत के लिए कुछ राहत भरी खबरें आई थीं. संयुक्त अरब अमीरात से 80,886 टन कच्चे तेल से लदा भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर जग लाडकी 18 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था. एक अन्य टैंकर जग प्रकाश भी सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और फिलहाल तंजानिया की ओर बढ़ रहा है. इसके अलावा, एलपीजी वाहक जहाज एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुके हैं. एमटी शिवालिक 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा, जबकि एमटी नंदा देवी 17 मार्च को गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा था. दोनों जहाजों ने 13 मार्च को अपनी यात्रा शुरू की थी और 14 मार्च की सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था.

बड़ी मात्रा में तेल और गैस आयात करता है भारत

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 88 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 50 प्रतिशत और एलपीजी का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है. युद्ध शुरू होने से पहले भारत द्वारा आयात किए जाने वाले कच्चे तेल का आधे से अधिक हिस्सा सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से आता था. इन देशों से भारत आने वाले अधिकांश जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य का ही उपयोग करते हैं. भारत के लिए आने वाली एलपीजी का लगभग 85 से 95 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का करीब 30 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है. (भाषा इनपुट)

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola