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गुजरात में मिली विवि की 70 संदिग्ध डिग्री, सीआइडी टीम ने की जांच

Updated at : 09 Jul 2025 7:29 PM (IST)
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गुजरात में मिली विवि की 70 संदिग्ध डिग्री, सीआइडी टीम ने की जांच

<P>माधव- 60 अलग सत्रों की है डिग्री, टीआर से सत्यापन के बाद देंगे रिपोर्ट</P>चार घंटे परीक्षा विभाग में डिग्री के संबंध में टीम की पूछताछ

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माधव- 60 अलग सत्रों की है डिग्री, टीआर से सत्यापन के बाद देंगे रिपोर्ट

चार घंटे परीक्षा विभाग में डिग्री के संबंध में टीम की पूछताछ

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

गुजरात के गांधीनगर में बीआरएबीयू के नाम की 70 संदिग्ध डिग्री मिली हैं. इसकी जांच का जिम्मा गुजरात सीआइडी को दिया गया है. बुधवार को सीआइडी के अधिकारी विवि पहुंचे. यहां परीक्षा विभाग में करीब तीन घंटे तक उन डिग्रियों के बारे में जानकारी ली. सीआइडी के अधिकारी ने विवि के अधिकारी को बताया कि 1995 से लेकर 2010 तक की 70 डिग्री की, वे जांच कर रहे हैं. ये डिग्री यहां से जारी हुई है या नहीं, इसे सत्यापित करें. विवि की ओर से डिग्री को देखा गया, लेकिन उसमें पूरा ब्योरा नहीं होने से और कागजात की मांग की गयी. उन्हें बताया गया कि फाइनल इयर की मार्क्सशीट व रजिस्ट्रेशन की प्रति भी उपलब्ध कराये. इससे आसानी से और जल्दी सत्यापन कर डिग्री की रिपोर्ट दी जा सकती है. सीआइडी के अधिकारी को कहा गया कि वे इ-मेल से ही ये जानकारी उपलब्ध करा दें. इसके बाद रिपोर्ट दी जायेगी.

होम्योपैथी से प्रैक्टिस करने में इस्तेमाल

गुजरात में होम्योपैथी से प्रैक्टिस के लिए रजिस्ट्रेशन करने को लेकर इन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. इनकी डिग्री संदिग्ध पायी गयी है. बोर्ड ने सीआइडी को मामले की जांच करने को कहा है. इसके बाद सीआइडी की टीम विवि परिसर में पहुंची थी. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो समीर कुमार शर्मा ने बताया कि सीआइडी के अधिकारी आये थे. उन्हें संबंधित विभाग में भेजा गया था.

पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में भी मामले

इधर, परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि डिग्री के सत्यापन को लेकर सीआइडी के अधिकारी पहुंचे थे. उन्होंने कागजात जमा कराया है. अन्य कागजात भी मांगा है. मिलने के बाद उसका सत्यापन किया जायेगा. इससे पूर्व भी विवि के नाम पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई अन्य शहरों में फर्जी डिग्री पकड़ी थी. डिग्री विवि से जारी नहीं की गयी थी, लेकिन इसपर विवि का लोगो से लेकर हस्ताक्षर तक हूबहू दिख रहा था. जांच में उसके फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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