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टाटा स्टील का शेयर टूटा, ब्रोकरेज फर्मों ने क्यों घटाई रेटिंग?

Updated at : 11 Sep 2024 2:12 PM (IST)
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Tata Steel

टाटा स्टील

Tata Steel Share: इस समय टाटा स्टील के शेयर पर रिटर्न घटकर 4.55% हो गया है. एक साल में इसके शेयर में अनुमानित औसत उछाल 10.1% तक देखा जा रहा है, जिसका टारगेट प्राइस 164.75925926 है.

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Tata Steel Share: टाटा स्टील का बुधवार 11 सितंबर 2024 को शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में 0.047% गिरकर 149.35 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि, बाजार खुलने पर इसका शेयर 0.13% की चढ़कर 149.65 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया था. तकनीकी तौर पर देखें, तो टाटा स्टील के शेयर में पिछले 5, 10 और 20 दिनों के शॉर्ट-टर्म अवधि में 50, 100 और 300 दिन के लॉन्ग टर्म की अवधि के मुकाबले गिरावट आई है. एनएसई में दोपहर 1 बजे टाटा स्टील का शेयर टूटकर 149.35 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है.

हाई लेवल पर जाते ही गिर जाता है टाटा स्टील

अंग्रेजी की वेबसाइट द मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, आज के 300 दिन पहले टाटा स्टील का शेयर करीब 152.60 रुपये के स्तर पर था, जो 5 दिन पहले टूटकर 151.16 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया. बाजार विशेषज्ञों के विश्लेषण के आधार डेली के टाइम फ्रेम में टाटा स्टील के शेयर में 151.14 रुपये, 152.76 रुपये, और 153.92 रुपये के स्तर पर जाने के बाद ब्रेक लग जाता है, जबकि 148.36 रुपये, 147.2 रुपये, और 145.58 रुपये के स्तर पर रहने के बाद यह मजबूत हो जाता है.

टाटा स्टील के शेयर में भारी गिरावट

11 सितंबर 2024 को बाजार के शुरुआती कारोबार में सुबह के 11 बजे तक टाटा स्टील का शेयर एनएसई और बीएसई में की गई ट्रेड वोल्यूम में पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले करीब 55.99% कमी आ गई. कारोबारी रुझानों पर अध्ययन करने के बाद शेयर प्राइस के साथ-साथ ट्रेडिंग वोल्यूम एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है. हाई वोल्यूम के साथ कीमतों में होने वाला सकारात्मक बदलाव स्थायी तेजी की ओर संकेत करता है. वहीं, हाई वोल्यूम के साथ कीमतों में होने वाला नकारात्मक बदलाव शेयर प्राइस में और अधिक गिरावट का संकेत देता है. इस समय टाटा स्टील के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिल रही है.

टाटा स्टील के शेयर पर रिटर्न घटा

द मिंट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय टाटा स्टील के शेयर पर रिटर्न घटकर 4.55% हो गया है. एक साल में इसके शेयर में अनुमानित औसत उछाल 10.1% तक देखा जा रहा है, जिसका टारगेट प्राइस 164.75925926 है. शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, जून की तिमाही में कंपनी में प्रमोटरों की होल्डिंग 33.19%, म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग 10.88% और विदेशी संस्थागत निवेशकों की होल्डिंग 19.68% है.

ब्रोकरेज फर्मों ने घटाई टाटा स्टील के शेयर की रेटिंग

अंग्रेजी की वेबसाइट मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल अगस्त में ब्रोकरेज फर्मों की ओर से सबसे अधिक डाउनग्रेड किए गए 10 शेयरों में टाटा ग्रुप की तीन कंपनियां शामिल हैं. इस सूची में सबसे ऊपर टाटा स्टील है, जिसकी ‘बाई’ रेटिंग 25 से गिरकर सिर्फ 14 रह गई है. इसकी रेटिंग घटाने के पीछे तीन अहम कारण बताए गए हैं.

पहला कारण : इनमें पहला मार्जिन में कमी आना और रिटर्न सीमति हो जाना है. चीन से सस्ते निर्यात की वजह से वैश्विक स्तर पर स्टील की कीमतों पर दबाव बना है, जिससे टाटा स्टील के मार्जिन में कमी आई है.

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दूसरा कारण : टाटा स्टील के शेयर की रेटिंग घटाने का दूसरा कारण विनियामकीय दबाव है. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से राज्यों को खनिज अधिकारों पर कर लगाने का अधिकार दिया है, जिसके कारण टाटा स्टील को ओडिशा से 17,347 करोड़ रुपये की संभावित देनदारी का सामना करना पड़ सकता है. यह दबाव तब तक बना रहेगा, जब तक कि एमएमडीआर अधिनियम में संभावित संशोधन राज्य कर लेवी को सीमित नहीं कर देता.

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तीसरा कारण: टाटा स्टील की रेटिंग घटाने का तीसरा कारण बढ़ता कर्ज और कारोबारी चुनौतियां हैं. टाटा स्टील का शुद्ध कर्ज 4,600 करोड़ रुपये बढ़कर 82,160 करोड़ रुपये हो गया, जिसका शुद्ध कर्ज ईबीआईटीडीए अनुपात 3.3 गुना है. टाटा स्टील यूके, टाटा स्टील नीदरलैंड और भारतीय परियोजनाओं के लिए पूंजीगत व्यय स्टील की कीमतों में गिरावट के बीच एक चुनौती है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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