INSIDE STORY 2 पढ़कर जान जाएंगे एक-एक बात! क्‍यों आहत होकर रोहिणी सिंगापुर लौटीं और प्राइवेट कर दिया ‘X’ अकाउंट

Edited by Paritosh Shahi
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रोहिणी आचार्य और लालू यादव (बाएं से दाएं)

Rohini Acharya vs Sanjay Yadav: संजय यादव के फ्रंट सीट पर बैठने को लेकर लालू परिवार में विवाद गहरा गया है, जिससे आहत होकर रोहिणी आचार्य सिंगापुर लौट गई हैं. परिवार के करीबी संजय यादव पर पार्टी को हाईजैक करने का आरोप लगा रहे हैं. रोहिणी द्वारा सवाल उठाने पर, तेजस्वी यादव ने कथित तौर पर लालू यादव से शिकायत की.

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Rohini Acharya vs Sanjay Yadav, केशव सुमन सिंह: संजय यादव के फ्रंट सीट पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बढ़ता चला जा रहा है. जो अब लालू परिवार में कलह का कारण बन रहा है. नतीजा ये है कि आंखों में आंसू भर तेजस्‍वी की बड़ी बहन रोहिणी आचार्य वापस सिंगापुर लौट गई हैं.

दरअसल, ये पूरा विवाद संजय यादव के शह पर निरंकुश होने की वजह से पैदा हुआ हुआ है. पार्टी के भीतर और लालू परिवार करीबियों का सीधा आरोप है कि संजय यादव ने पार्टी को हाईजैक कर लिया है. जिसकी वहज से परिवार के लोग भी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.

ऐसे हैं परिवार के अंदर के हालात

परिवार के भीतर के हालात हैं कि हैं अब रोहिणी आचार्य जो तेजस्‍वी से बड़ी बहन हैं और उन्‍होंने परिवार और लालू यादव के लिए अपने जीवन की भी परवाह नहीं की अब वो दुखी हैं. जिसका नतीजा ये है कि वो नाराज होकर वापस सिंगापुर लौट गईं हैं.

तेजस्‍वी ने संजय यादव के लिए दे दी धमकी!

रोहिणी ने जब संजय यादव के फ्रंट सीट बैठने को लेकर सवाल खड़े किए, इस पर तेजस्‍वी यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से इसकी शिकायत की. उस वक्‍त तेजस्‍वी यादव समस्तीपुर अपनी बिहार अधिकार यात्रा पर थे. पार्टी के विश्‍वसनीय और करीबियों का कहना है कि तेजस्‍वी यादव ने लालू यादव को धमकी तक दे डाली. दरअसल, उन्‍हें अपनी बड़ी दीदी के व्‍यवहार बुरा लग रहा था.

आसुंओं से रोहिणी ने की समझाने की कोशिश

इस पूरे मामले ने गंभीर रूप तब ले लिया, जब तेजस्‍वी की शिकायत पर लालू यादव ने तेजस्‍वी यादव को समझाने की बजाए रोहिणी आचार्य को ही समझाना शुरू कर दिया. लालू प्रसाद यादव और रोहिणी के बीच हल्‍की बहस भी हुई. जिसके बाद पिता के जीवन को बचाने के लिए अपनी किडनी देने वाली रोहि‍णी आहत हो गईं. रोहिणी ने आंसुओं से भी अपने पिता लालू प्रसाद यादव के समझाने का प्रयास किया. लेकिन लालू के फैसले के आगे मजबूर होकर उन्‍होंने अपने आलोक कुमार के रीपोस्‍ट पर यूटर्न लेते हुए मसौढ़ी विधायक रेखा पासवान और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम की फोटो को अपने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पिछड़ों को ‘फ्रंट सीट’ पर बैठाने का नरेटिव दिया.

क्‍यों सिंगापुर जाने को मजबूर हुईं रोहिणी

बताते चलें प्रभात खबर डॉट कॉम ने पहले ही इस बात को पाठकों को बताया कि रोहिणी आचार्य ने जो यूटर्न लिया वो पिता लालू प्रसाद यादव के कहने पर ही लिया है. अब प्रभात खबर डॉट कॉम यह भी बता रहा है कि इन सब घटनाओं के बाद रो‍हिणी ने नाराजगी जाहिर करते हुए आहत होकर सिंगापुर रवाना हो गईं.

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जाते जाते किया इमोशन पोस्‍ट

पिता और भाई के व्‍यवहार से आहत रोहिणी आचार्य ने जाते जाते अपने एक्‍स अकाउंट से रोहिणी ने एक के बाद एक दो पोस्‍ट किए. पहले पोस्‍ट में उन्‍होंने अपनी वो पुरानी वीडियो डाली जिसमें वो अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी देने के लिए ऑपरेशन थिएटर में जा रही थीं. इसके बाद उन्‍होंने कए और पोस्‍ट किया, जिसमें उन्‍होंने लिखा मेरी कोई महत्‍वकांक्षा नहीं है, मेरे लिए आत्‍मसम्‍मान सर्वोपरि है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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