कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से 5 मरे, रेस्क्यू में ली गयी सेना की मदद, 3 गिरफ्तार, देखें Photos

Edited by Mithilesh Jha
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मलबे में फंसे लोगों को निकालकर ले जाते राहत एवं बचावकर्मी. फोटो : पीटीआई

Under Construction Warehouse Collapse: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला में एक निर्माणाधीन गोदाम की छत गिर गयी. इसके मलबे में दबकर 5 लोगों की मौत हो गयी. पुलिस ने बिल्डिंग सुपरवाइजर समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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खास बातें

Under Construction Warehouse Collapse in Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम की छत ढह जाने से उसके मलबे के नीचे कई लोग दबे गये. 5 लोगों की मौत हो गयी और 20 लोग घायल हो गये. रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना की भी मदद ली गयी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्य का जायजा लिया. सीएमओ के मुताबिक, इस मामले में 3 लोग गिरफ्तार किये गये हैं. इनमें बिल्डिंग सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार और लेबर सप्लायर्स मोहम्मद अताउल और सुभाष चौधरी शामिल हैं. समाचार लिखे जाने तक 3 मृतकों और 8 घायलों की पहचान हो पायी है.

मृतकों के नाम

  1. रोहित चौधरी (40)
  2. कृष्णा चौधरी (30)
  3. अपरिचित (30)

तारातला हादसे में घायल 8 लोगों के नाम

  1. दुर्बाशा मलान, 56 वर्ष
  2. मणिचंद कुमार, 22 वर्ष
  3. शहीद कुमार, 26 वर्ष
  4. राजेश रुईदास, 25 वर्ष
  5. विश्व प्रकाश, 28 वर्ष
  6. बोदन मुंडा, 28 वर्ष
  7. राजेंद्र राव, 55 वर्ष
  8. राम प्रसाद चौधरी, 21 वर्ष

बचाव अभियान पूरा करने में लग सकता है लंबा समय : सीएम

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर पत्रकारों को बताया कि मलबे के नीचे अब भी कुछ लोग फंसे हैं. उन्हें निकालने के लिए राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि बचाव कार्य में सेना की पूर्वी कमान की भी मदद ली जा रही है. शुभेंदु ने बताया कि कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़ों को हटाने की जरूरत है. इसलिए बचाव अभियान को पूरा करने में काफी समय लग सकता है.

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सचिवालय में आपदा प्रबंधन समूह का कंट्रोल रूम बना

इस घटना के बाद, राज्य सचिवालय में आपदा प्रबंधन समूह का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि यह गोदाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह की पट्टे पर ली गयी जमीन पर बनाया जा रहा था. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इलाके में कुछ समय से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कार्य किये जा रहे थे.

क्षतिग्रस्त निर्माणाधीन गोदाम. फोटो : पीटीआई

घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों को एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. अस्पताल के पदाधिकारियों ने बताया कि मलबे से निकाले गये 18 लोगों को एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 3 की हालत गंभीर है.

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डॉक्टरों की टीम कर रही घायलों का इलाज

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए तंत्रिका तंत्र विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और जनरल मेडिसिन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम बनायी गयी है.

ब्रेस पुल के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर हुआ हादसा

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तारातला इलाके में ब्रेस पुल के निकट ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर यह हादसा हुआ. घटना के समय कुछ लोग वहां काम कर रहे थे. हमें कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

गोदाम के ढहने के बाद राहत अभियान में जुटी एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां. फोटो : पीटीआई

प्रत्यक्षदर्शी बोले- लोहे के बीम और कंक्रीट के बड़े-बड़े हिस्से ढहे

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान लोहे के बीम और कंक्रीट के बड़े-बड़े हिस्से ढह गये, जहां कई मजदूर काम कर रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने मलबे के नीचे फंसे लोगों को मदद के लिए चिल्लाते हुए सुना. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि नीचे निर्माण कार्य चल रहा था. पहली और दूसरी मंजिल का आरसीसी ढांचा पूरा हो चुका था. अचानक पूरा ढांचा ढह गया.

घटिया निर्माण सामग्री की वजह से हुआ हादसा

अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, ढलाई के दौरान तीन मंजिला गोदाम की छत ढह गयी. उन्होंने आरोप लगाया कि गोदाम के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था.

घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी. फोटो : पीटीआई

Under Construction Warehouse Collapse in Kolkata: राहत एवं बचाव कार्य जारी

अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन समूह, नागरिक सुरक्षा और अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम घटनास्थल पर बचाव कार्य में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं, जबकि गिर चुके लोहे के बीम को हटाने के लिए क्रेन और मशीनों को लगाया गया है.

लोहे और कंक्रीट को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल

अधिकारियों के अनुसार, लोहे और कंक्रीट को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा किया गया और बचावकर्मी ‘वर्टिकल ड्रिलिंग’ के जरिये मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद ले रही है.

लोहे की बीमों का हुआ ये हाल. फोटो : पीटीआई

लोगों को भरोसा दिला रहे आपदा प्रबंधन दल के सदस्य

कोलकाता पुलिस के आपदा प्रबंधन दल के एक सदस्य ने कहा- हम मलबे के नीचे से आ रही मदद की पुकार को सुन वहां तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. हम उन्हें भरोसा दिला रहे हैं कि उन्हें जल्द ही बचा लिया जायेगा.

सेना ने ‘एक्स’ पर किया पोस्ट

सेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा- मध्य कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन एक गोदाम के अचानक ढह जाने के बाद, भारतीय सेना की पूर्वी कमान की चार टुकड़ियों को तुरंत खोज और बचाव अभियान के लिए भेजा गया. इसमें सेना के बचावकर्मी, विशेषज्ञ अभियंता और चिकित्साकर्मियों की टीम शामिल थी.

मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में लगी एजेंसियों की सराहना की

मुख्यमंत्री ने युद्ध स्तर पर चल रहे समन्वित बचाव कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, कोलकाता पुलिस और केएमसी मिलकर बचाव कार्य कर रहे हैं, ताकि फंसे हुए हर व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.

इंद्रनील खां बोले- पीड़ितों को बचाना प्राथमिकता

मंत्री इंद्रनील खां ने कहा- हम निश्चित रूप से दुर्घटना के कारणों और किसी भी तरह की अनियमितता की जांच करेंगे. लेकिन अभी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा पीड़ितों को बचाने की है.

इमारत की डिजाइन और निर्माण में खामियों के मिले सबूत

घटनास्थल पर मौजूद कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में इमारत की डिजाइन और निर्माण में खामियों के सबूत मिले हैं. मौके पर मौजूद एक सिविल इंजीनियर ने कहा- ऐसा लगता है कि ऊपर बने कंक्रीट का वजन संभालने के लिए लोहे की बीम मजबूत नहीं थीं. साथ ही, मुझे कोई ब्रेस भी नहीं दिख रहे हैं, जिनकी जरूरत आरसीसी ढलाई को सहारा देने के लिए होती है.

अग्निमित्रा पॉल ने भी किया घटनास्थल का दौरा

पश्चिम बंगाल की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचीं. कोलकाता पुलिस के आयुक्त अजय नंद घटनास्थल पर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राकेश सिंह ने आशंका जतायी थी कि कई पीड़ितों की मौत बचाव कार्य शुरू होने से पहले ही चोटों के कारण हो गयी होगी.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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