रांची RSS दफ्तर हमला: ‘टेरर लिंक’ की आशंका से एक्शन में ATS, खंगाली जा रही सबकी कुंडली

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सीसीटीवी फुटेज में कैप्चर अपराधी और इनसेट में एटीएस का लोगो

Ranchi RSS office attack: रांची के निवारणपुर में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच के लिए एटीएस की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया. इसके बाद सीसीटीवी फुटेज जब्त कर आतंकी कनेक्शन की जांच शुरू की और उनके रूट ट्रैक किये. पढ़ें, पूरी रिपोर्ट.

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रांची से अमित दास की रिपोर्ट

Ranchi RSS office attack, रांची : रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर 16 जून की देर रात हुए हमला मामला में बड़ा अपडेट सामने आया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (ATS) ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है. इसी कड़ी में सोमवार को एटीएस की एक विशेष टीम ने निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. टीम ने वारदात वाली जगह का बारीकी से जायजा लिया और परिसर के साथ-साथ आसपास के पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की.

फुटेज खंगाल रहे फॉरेंसिक एक्सपर्ट

जांच को वैज्ञानिक और तकनीकी दिशा देने के लिए एटीएस ने डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली है. साथ ही कार्यालय परिसर और आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया गया है. फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स इन फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर संदिग्धों की पहचान और उनकी संदेहास्पद गतिविधियों का सुराग ढूंढ रहे हैं. एंटी टेररिस्ट स्क्वाड का मुख्य फोकस फिलहाल हमलावरों के ‘मूवमेंट’ को ट्रेस करने पर है. टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस रास्ते से आरएसएस दफ्तर तक पहुंचे थे और घटना को अंजाम देने के बाद किस रूट से फरार हुए. इसके लिए संभावित रास्तों की मैपिंग की जा रही है.

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अमन, सैफ और सायम के मददगारों की तलाश

इस पूरे मामले में अब तक अमन अंसारी, सैफ अंसारी और सायम सुजान की भूमिका सामने आ चुकी है. एटीएस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे इन तीनों के अलावा कोई बड़ा मास्टरमाइंड या स्लीपर सेल तो काम नहीं कर रहा था. दफ्तर का मुआयना करने पहुंची एटीएस की टीम ने वहां मौजूद पदाधिकारियों, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और आस-पास के दुकानदारों से भी बंद कमरे में पूछताछ की है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आतंकी कनेक्शन (Terror Angle) समेत सभी संभावित और संवेदनशील पहलुओं को ध्यान में रखकर पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस हमले की वास्तविक साजिश और इसमें शामिल पर्दे के पीछे के चेहरों का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सकेगा.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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