किशनगंज में टूटा पुल बना 'मौत का रास्ता', जान जोखिम में डाल स्कूल जा रहे 100 से अधिक बच्चे

Updated:
विज्ञापन

बाढ़ में पुल का एप्रोच बह गया

Kishanganj News: किशनगंज में बाढ़ में पुल का एप्रोच बह गया, लेकिन सात दिन बाद भी प्रशासनिक अमला मौके पर नहीं पहुंचा. मजबूरी में बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर टूटे रास्ते से गुजर रहे हैं.

विज्ञापन

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Kishanganj News: किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड में प्रशासनिक लापरवाही की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. कुकुरबाघी पंचायत के मैनागुड़ी गांव के पास बूंद नदी पर बने पुल का एप्रोच 19 जून को आई बाढ़ में बह गया था, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक न तो मरम्मत शुरू हुई है और न ही कोई अधिकारी स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचा है. हालत यह है कि 100 से अधिक स्कूली बच्चे हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर इसी टूटे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं.

‘स्कूल की राह बनी खतरे का सफर’

टूटे पुल का सबसे अधिक असर बिरानगछ और खालपाड़ा गांव के बच्चों पर पड़ा है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय गन्धूगछ और उच्च माध्यमिक विद्यालय बौरीगछ जाने वाले करीब 100 छात्र-छात्राएं रोज इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. पुल का एप्रोच ध्वस्त होने के बावजूद बच्चे कटाव वाले हिस्से से होकर स्कूल पहुंच रहे हैं. अभिभावकों को हर दिन किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है.

भोजपुर (आरा): जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहुंचे बिलौटी गांव. भरत भूषण तिवारी के परिजनों से की मुलाकात.

‘ग्रामीण खुद बना रहे अस्थायी रास्ता’

प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं होने पर स्थानीय लोग अपने स्तर पर समस्या का समाधान खोजने में जुटे हैं. ग्रामीण बालू, गिट्टी और बालू से भरे बोरे डालकर अस्थायी रास्ता तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, यह व्यवस्था बेहद जोखिम भरी है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

किशनगंज में बाढ़ में पुल का एप्रोच बह गया

यह भी पढ़ें: भरत तिवारी एनकाउंटर पर नरकटियागंज में फूटा गुस्सा, कैंडल और तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे युवा

‘बंद हुआ आखिरी सहारा, 25 किलोमीटर बढ़ा सफर’

कुकुरबाघी पंचायत को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई से पिपरीथान-खोड़ीबाड़ी मार्ग पहले ही बाधित है. खोसीडांगी के पास पुल निर्माण के लिए बनाया गया डायवर्सन बारिश में बह चुका है. ऐसे में मैनागुड़ी-बूटीझारी मार्ग ही ग्रामीणों का एकमात्र सहारा था, लेकिन पुल का एप्रोच टूटने से यह रास्ता भी बंद हो गया. अब लोगों को प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए पश्चिम बंगाल होकर करीब 25 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.

Kishanganj News: ‘ग्रामीणों ने दी चेतावनी, जल्द हो कार्रवाई’

ग्रामीण धनंजय सिंह, मोलिन सिंह, मेहेन सिंह, आसीलाल सिंह, गोपाल सिंह, रतन सिंह, अमल सिंह और रंजीत सिंह समेत कई लोगों ने जिला प्रशासन से अविलंब पुल की मरम्मत शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

यह भी पढ़ें: भरत तिवारी एनकाउंटर पर नरकटियागंज में फूटा गुस्सा, कैंडल और तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे युवा

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन