किशनगंज: बादलों की घनी चादर से बदला मौसम का मिजाज, तेज धूप से मिली राहत और किसानों में जगी बारिश की उम्मीद

Updated:
विज्ञापन

आसमान | Prabhat Khabar Network

किशनगंज में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट बदली. पिछले कई दिनों की भीषण गर्मी और उमस के बाद घने बादलों ने डेरा डाला, जिससे तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर हो गया. यह बदलाव न केवल शहरवासियों को सुकून दे रहा है, बल्कि किसानों की उम्मीदें भी जगा रहा है.

विज्ञापन

सीमांचल के सीमावर्ती जिले किशनगंज में सोमवार की सुबह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया. पिछले कई दिनों की तीखी धूप और उमस के बाद सुबह से ही आसमान में घने बादलों का पहरा रहा, जिससे सूरज की तपिश पूरी तरह गायब हो गई. वातावरण में आई ठंडक और बादलों की मौजूदगी ने सुबह के मौसम को बेहद सुहाना और खुशनुमा बना दिया, जिससे जिलेवासियों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है.

29 डिग्री पर स्थिर रहा सुबह का तापमान

सोमवार की सुबह करीब 8:46 बजे उपलब्ध मौसमी आंकड़ों के अनुसार किशनगंज शहर का तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है. तेज धूप न निकलने के कारण सुबह के समय सड़कों और बाजारों में आम दिनों की तुलना में अधिक चहल-पहल और सामान्य व्यावसायिक गतिविधियां सुगमता से संचालित होती दिखीं.

जिले के सभी प्रखंडों में दिखा मौसम का एक जैसा रंग

मौसम में आए इस सुखद बदलाव का असर केवल जिला मुख्यालय तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के सभी ग्रामीण अंचलों में भी समान रूप से देखा गया. ठाकुरगंज प्रखंड में 29 डिग्री तापमान के साथ अधिकतम 31 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कोचाधामन, टेढ़ागाछ, पोठिया, बहादुरगंज और दिघलबैंक प्रखंडों में भी सुबह का तापमान 28 से 29 डिग्री के दायरे में बना रहा. आसमान में छाई बादलों की घटाओं और खेतों में फैली हरियाली ने समूचे सीमांचल क्षेत्र को मानसूनी छटा से सराबोर कर दिया.

खेती-किसानी के लिए अहम हैं बादल, बारिश का इंतजार

किशनगंज मूल रूप से एक प्रमुख कृषि प्रधान जिला है, जहां की अर्थव्यवस्था और जनजीवन का सीधा जुड़ाव मौसम के मिजाज से रहता है. वर्तमान समय में खेतों में लगी धान और अन्य मानसूनी फसलों की बेहतर बढ़वार के लिए पर्याप्त वर्षा की सख्त आवश्यकता है. आसमान में बादलों के घने जमावड़े को देखकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के चेहरों पर उम्मीद की चमक लौट आई है. फिलहाल बादलों की छांव ने लोगों को भीषण धूप और उमस से सुकून पहुंचाया है, जबकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की निगाहें अब आसमान की ओर टिकी हैं कि आने वाले घंटों में यह मानसूनी सिस्टम झमाझम बारिश में कब तब्दील होता है.


विज्ञापन
गौरव कुमार

लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन