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अमेरिका ने जिस टैंकर को किया जब्त, उसमें 3 भारतीय भी शामिल, रूस ने दिया अल्टीमेटम; जल्द से जल्द रिहा करो

Russia Crew Oil Tanker seized by US: अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए रूसी तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ के चालक दल में 28 लोग हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं. रूस ने गुरुवार को इस कार्रवाई को लेकर गहरी चिंता जताई और अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों, खासकर समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता से जुड़े नियमों का सम्मान करने की अपील की. उसने कहा कि सभी क्रू मेंबर्स को जल्द से जल्द रिहा किया जाए. इसके साथ ही रूस ने अमेरिका पर नव-उपनिवेशवादी सोच अपनाने का आरोप लगाते हुए ऐसी प्रवृत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया.

Russia Crew Oil Tanker seized by US: अमेरिका द्वारा जब्त किए गए रूसी तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद गहराता जा रहा है. इस टैंकर के चालक दल में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर कई देशों के नागरिक सवार थे. इस घटना के बाद रूस ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है. रूस ने गुरुवार को इस मामले पर “गंभीर चिंता” जताते हुए अमेरिका से समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की मांग की. रूसी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे.

टैंकर को जब्त किए जाने के बाद मॉस्को ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. रूस ने कहा कि किसी भी देश को यह अधिकार नहीं है कि वह खुले समुद्र में किसी अन्य देश के अधिकार क्षेत्र में कानूनी रूप से पंजीकृत जहाज के खिलाफ बल प्रयोग करे. रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि खुले समुद्र में जहाजों की आवाजाही को रोकना या उन्हें जब्त करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. साथ ही, रूस ने अमेरिका पर “नव-उपनिवेशवादी सोच” अपनाने का आरोप भी लगाया और कहा कि वह ऐसी प्रवृत्तियों को पूरी तरह खारिज करता है. 

रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बयान जारी कर बताया कि उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी तटरक्षक बल ने ‘मैरिनेरा’ टैंकर को जब्त किया. इस जहाज को पहले ‘बेला-1’ के नाम से जाना जाता था. मंत्रालय ने अमेरिका से मांग की कि टैंकर के चालक दल के सदस्यों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए. रूस का कहना है कि उसने पहले ही अमेरिका को जहाज की स्थिति और उसके कानूनी दर्जे के बारे में कई बार जानकारी दी थी.

क्रू मेंबर्स को जल्द से जल्द रिहा किया जाए

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है. मंत्रालय ने जोर दिया कि रूसी नागरिकों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए. रूस ने अमेरिका से मांग की कि जब्त किए गए टैंकर पर मौजूद रूसी नागरिकों को जल्द से जल्द उनके देश वापस भेजा जाए. 

किन-किन देशों के लोग थे जहाज पर?

रूस की मीडिया आउटलेट ‘रशिया टुडे’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस टैंकर पर 17 यूक्रेनी नागरिक, छह जॉर्जियाई नागरिक, तीन भारतीय नागरिक और दो रूसी नागरिक मौजूद हैं. इस जानकारी के सामने आने के बाद विभिन्न देशों के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. रूसी विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने राष्ट्रीय प्रतिबंध कानूनों का हवाला देकर इस तरह की कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन रूस इसे पूरी तरह निराधार मानता है. मंत्रालय के अनुसार, एकतरफा प्रतिबंध न तो वैध हैं और न ही इनके आधार पर खुले समुद्र में किसी जहाज को जब्त किया जा सकता है.

अमेरिका को पहले से थी जानकारी, फिर भी किया जब्त

रूस ने यह भी कहा कि ‘मैरिनेरा’ टैंकर को 24 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय कानून और रूसी कानून के तहत रूसी ध्वज के साथ यात्रा करने की अस्थायी अनुमति मिली थी. जहाज शांतिपूर्वक अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहा था और रूस के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था. रूस का दावा है कि अमेरिकी सरकार को जहाज के रूसी मूल और उसके कानूनी दर्जे की जानकारी पहले से दी गई थी, इसके बावजूद यह कार्रवाई की गई.

बयान में कहा गया कि जहाज को अमेरिकी नौसैनिक बलों ने किसी भी देश के क्षेत्रीय जल से बाहर, यानी खुले समुद्र में, अपने कब्जे में लिया. इसके बाद जहाज से संपर्क टूट गया. बयान के अनुसार, “24 दिसंबर 2025 को मेरिनेरा को रूसी संघ के ध्वज के तहत यात्रा की अस्थायी अनुमति दी गई थी. मॉस्को समय के अनुसार 7 जनवरी को लगभग दोपहर 3 बजे, अमेरिकी नौसेना बलों ने खुले समुद्र में जहाज पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद उससे संपर्क नहीं हो सका.”

रूस ने की अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करने की मांग

रूस के परिवहन मंत्रालय ने 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) का हवाला देते हुए कहा कि खुले समुद्र में नौवहन की स्वतंत्रता लागू होती है और किसी भी देश को अन्य देशों के विधिवत पंजीकृत जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है. वहीं, अमेरिकी यूरोपीय कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि टैंकर ने अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था. कमांड के अनुसार, इस जहाज को अमेरिकी तटरक्षक पोत ‘मुनरो’ द्वारा ट्रैक किया जा रहा था और इसे अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा जारी वारंट के तहत जब्त किया गया.

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Anant Narayan Shukla
Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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