क्यों खास है आंवला एकादशी ? जानें धार्मिक रहस्य

Published by : Shaurya Punj Updated At : 27 Feb 2026 8:05 PM

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आमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत है. आंवला वृक्ष की पूजा, दान और उपवास से सुख-समृद्धि, पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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डॉ राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’

Amalaki Ekadashi 2026: भारत में धर्म, सत्य, अहिंसा, दया और परोपकार जैसे उच्च आदर्शों की परंपरा बहुत पुरानी है. इन्हीं परंपराओं में अनेक व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं. एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. आज 27 फरवरी 2026 को हिंदू वर्ष की अंतिम एकादशी को आमलकी एकादशी मनाई जा रही है. इसी दिन से होली महापर्व की शुरुआत मानी जाती है. इसलिए इसे रंगभरी एकादशी, आंवला एकादशी या आंवलकी एकादशी भी कहते हैं.

इस व्रत का वर्णन पद्म पुराण (उत्तराखंड अध्याय 47), ब्रह्मवैवर्त पुराण और ब्रह्म पुराण में मिलता है.

व्रत की विधि और फल

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन उपवास, भजन, रात्रि जागरण और भगवान विष्णु के साथ आंवला वृक्ष की पूजा करनी चाहिए. ऐसा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है. कथा के अनुसार, राजा मांधाता ने वशिष्ठ मुनि से इस व्रत की महिमा सुनी थी. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा से आमलकी एकादशी का व्रत करता है, वह धन-समृद्धि पाता है, पापों से मुक्त होता है और मोक्ष का अधिकारी बनता है.

दान और पीले रंग का महत्व

इस व्रत में निष्काम भाव से दान देना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. खासकर केले, केसर, हल्दी और अन्य पीले रंग की वस्तुओं का दान शुभ माना गया है. व्रत करने वाले को इस दिन पीले वस्त्र पहनना भी लाभकारी बताया गया है. ब्राह्मणों को भोजन कराना और दान देना वाजपेय यज्ञ के समान फलदायी कहा गया है. इसे हजार गौदान के बराबर पुण्य देने वाला व्रत भी माना गया है.

आंवला वृक्ष की उत्पत्ति

आमलकी एकादशी में आंवला वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है. स्कंद पुराण के अनुसार, जब सृष्टि की रचना के समय धरती जल में डूबी हुई थी, तब ब्रह्मा जी ने भगवान विष्णु की पूजा की. उनकी आंखों से गिरे आनंद के आंसुओं से आंवला वृक्ष उत्पन्न हुआ. कुछ मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा जी के तप के आंसुओं से उत्पन्न होने के कारण आंवला को संसार का पहला फल माना गया है. इसलिए इसे “आदि वृक्ष” भी कहा जाता है. आंवला एक श्रेष्ठ आयुर्वेदिक औषधि है और इसे “अमृत फल” कहा जाता है. शास्त्रों में यह भी उल्लेख है कि आंवला वृक्ष में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का निवास होता है.

मोक्ष प्रदान करने वाला व्रत

भगवान विष्णु को आंवला अत्यंत प्रिय है. इसी कारण आमलकी एकादशी का व्रत करने वाला व्यक्ति विष्णु लोक का अधिकारी माना जाता है. यह व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, दान, संयम और भक्ति का प्रतीक है. सच्चे मन से किया गया यह व्रत जीवन में सुख-शांति और अंत में मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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