सर्दियों के कपड़े वॉशिंग मशीन में ठीक से क्यों नहीं धुलते? अगली बार धोने से पहले इन तरीकों को जरूर अपनाएं
Published by : Ankit Anand Updated At : 06 Jan 2026 5:34 PM
वॉशिंग मशीन में सर्दियों के कपड़े डालती हुई एक महिला (Pic- AI Generated)
Washing Machine Tips: अगर आपने भी नोटिस किया है कि सर्दियों के कपड़े वॉशिंग मशीन में धोने के बाद भी ठीक से साफ नहीं लगते, तो आप अकेले नहीं हैं. कई बार कपड़े मशीन से बाहर आने के बाद हल्के बदबूदार, भारी या लिंट से भरे नजर आते हैं. आइए आपको बताते हैं आखिर ऐसा होता क्यों है और इसे कैसे ठीक किया जाए.
Washing Machine Tips: सर्दियों के कपड़े कई बार ऐसी हालत बना देते हैं कि अच्छी-खासी वॉशिंग मशीन भी बेकार सी लगने लगती है. कोई स्वेटर देखने में साफ होता है, लेकिन उसमें हल्की सी अजीब गंध रहती है. कोई हुडी बाहर आते ही भारी लगती है, जैसे डिटर्जेंट कपड़े में ही चिपक गया हो. जैकेट्स से लिंट झड़ने की जगह और चिपक जाता है. ऐसे में आप ड्रम को देखते रह जाते हैं. फिर आप वही करते हैं जो ज्यादातर लोग करते हैं. एक और वॉश चला देते हैं, ज्यादा डिटर्जेंट डालते हैं, कभी मोड बदलते हैं.
यहां तक कि एक वक्त पर यह भी सोचने लगते हैं कि कहीं मशीन ही खराब तो नहीं हो गई. जबकि ज्यादातर मामलों में गलती मशीन की नहीं, बल्कि कपड़े धोने के तरीके की होती है. इसी वजह से आज हम आपको कुछ ऐसे आसान उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप सर्दियों के कपड़े वॉशिंग मशीन में सही तरीके से धो सकते हैं.
सर्दियों के कपड़े वॉशिंग मशीन में ठीक से क्यों नहीं धुलते?
सर्दियों के कपड़ों के साथ गलती तब शुरू होती है, जब हम उन्हें टी-शर्ट या जींस की तरह ही धोने लगते हैं. मोटे कपड़े वॉशिंग मशीन में वैसे नहीं घूमते जैसे पतले कपड़े घूमते हैं. स्वेटर, फ्लीस, पैडेड जैकेट और हुडी भारी होते हैं. ये पानी ज्यादा सोख लेते हैं, हवा फंसा लेते हैं और शरीर के तेल को भी आसानी से नहीं छोड़ते.
जब आप सर्दियों में भी वॉशिंग मशीन का ड्रम गर्मियों की तरह भर देते हैं, तो कपड़ों को ठीक से हिलने-डुलने की जगह नहीं मिलती. कपड़े भारी होकर आपस में दबे रहते हैं, जिससे वे एक-दूसरे से कम रगड़ खाते हैं. डिटर्जेंट सही तरह से घूम नहीं पाता और रिंस का पानी भी साबुन के अंश ठीक से नहीं निकाल पाता.
ऊपर से सर्दियों में ज्यादातर लोग ठंडे पानी में कपड़े धोते हैं. हल्के कपड़ों के लिए यह ठीक है, लेकिन मोटे कपड़ों में जमी शरीर की चिकनाई ठंडे पानी में आसानी से नहीं टूटती. वह आधी जमी-सी रह जाती है, जिससे डिटर्जेंट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और अक्सर वह पूरी तरह काम नहीं कर पाता. इसी वजह से कपड़े दिखने में तो साफ लगते हैं, लेकिन छूने पर अजीब-से महसूस होते हैं.
इन आसान तरीकों को अपनाएं
सबसे आसान और पहला उपाय यही है कि मशीन में कम कपड़े डालें. अगर ड्रम देखने में भरा हुआ लग रहा है, तो समझिए सर्दियों के कपड़ों के लिए वह पहले ही ज्यादा भर चुका है.
इसके बाद स्पीड कम करें. क्विक वॉश और इको मोड हल्के, रोजमर्रा के कपड़ों के लिए होते हैं. सर्दियों के कपड़ों को ज्यादा समय चाहिए. कॉटन या मिक्स्ड फैब्रिक का लंबा वॉश साइकल पानी और डिटर्जेंट को कपड़ों के रेशों तक अच्छी तरह पहुंचने देता है.
टेम्परेचर भी जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं. ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी, आमतौर पर 30°C या 40°C, इस्तेमाल करने से तेल और गंदगी आसानी से निकल जाती है और कपड़े भी खराब नहीं होते.
डिटर्जेंट का सही चुनाव भी मदद करता है. लिक्विड डिटर्जेंट कम टेम्परेचर में आसानी से घुल जाता है और घने कपड़ों से आसानी से निकल जाता है. अक्सर जरूरत से थोड़ी कम डिटर्जेंट डालने से कपड़े ज्यादा नरम और ताजगी भरे रहते हैं.
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