Creator Economy India: भारत में क्रिएटर इकॉनमी अब सिर्फ शौक नहीं, बल्कि करोड़ों का कारोबार बन चुकी है. जहां एक ओर औसत इंजीनियर महीने में ₹45,000-₹60,000 कमाता है, वहीं 1 लाख फॉलोअर्स वाले क्रिएटर आसानी से ₹2-2.5 लाख महीने कमा सकते हैं. लेकिन यह सुनने जितना आसान नहीं है. असली कहानी है- किसने इसे बिजनेस की तरह चलाया और किसने सिर्फ वायरल होने का सपना देखा.
1. फॉलोअर्स से आगे, अब रिजल्ट पर दांव
2025 में इंडस्ट्री ने साफ कर दिया कि सिर्फ फॉलोअर्स गिनने से पैसा नहीं मिलेगा. ब्रांड अब आउटपुट और कैटेगरी-फोकस्ड डील्स पर ध्यान दे रहे हैं. यही वजह है कि टॉप 5% क्रिएटर्स पूरे ₹4,500 करोड़ के मार्केट का बड़ा हिस्सा खा रहे हैं.
2. रेट कार्ड की हकीकत
मेगा क्रिएटर्स (1 मिलियन+ फॉलोअर्स) एक पोस्ट के ₹3.5-₹9 लाख तक चार्ज करते हैं. 5 लाख से 10 लाख फॉलोअर्स वाले ₹2.5-₹5 लाख लेते हैं. वहीं 2-5 लाख फॉलोअर्स वाले ₹1.2-₹2 लाख में डील करते हैं. छोटे क्रिएटर्स को अक्सर ₹20,000-₹60,000 ही मिलते हैं. लेकिन ये आंकड़े “पीक प्राइसिंग” हैं, स्थायी आय नहीं.
3. अस्थिर कमाई और क्रिएटर का संघर्ष
गुरुग्राम का “August the Ginger Cat” अकाउंट कभी ₹1.4 लाख महीने कमाता है तो कभी शून्य. वहीं दिल्ली के क्रिएटर अगौ सितल्हो ने ₹3 लाख अपनी जेब से खर्च कर कंटेंट बनाया. कई क्रिएटर्स नौकरी छोड़कर आए लेकिन अस्थिर कमाई ने उन्हें वापस ऑफिस की कुर्सी पर बैठा दिया.
4. यूट्यूब बनाम बॉक्स ऑफिस
फिल्ममेकर फराह खान ने यूट्यूब से उतना कमाया जितना उनकी फिल्मों से नहीं मिला. 2.5 मिलियन सब्सक्राइबर वाले चैनल से उन्हें ₹10-₹20 लाख महीने की कमाई होती है. यही नहीं, उनके किचन हेल्पर दिलीप भी अब ब्रांड गिफ्ट्स और पहचान पा रहे हैं. यह सोशल मोबिलिटी का नया चेहरा है.
5. 2026 में क्या बदलेगा खेल?
एजेंसियां अब वन-टाइम कैंपेन से हटकर लॉन्ग-टर्म रिटेनर मॉडल पर जा रही हैं. IPLIX Media ने 27% ग्रोथ दर्ज की और JBL, Samsung जैसे ब्रांड्स के साथ लगातार काम किया. 2026 में क्रिएटर की कमाई सिर्फ रीच पर नहीं, बल्कि “कम्युनिटी ट्रस्ट” और “कन्वर्जन” पर तय होगी.
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