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First Electric Flight: फ्यूचर टेक्नोलॉजी का कमाल! लंदन में लैंड हुई पहली इलेक्ट्रिक फ्लाइट, जानें क्यों है खास

Updated at : 13 Jul 2025 6:04 PM (IST)
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First Electric Flight

First Electric Flight

First Electric Flight: लंदन के गैटविक एयरपोर्ट पर पहली इलेक्ट्रिक फ्लाइट ने सफल लैंडिंग कर इतिहास रच दिया. EasyJet और Cranfield Aerospace की ओर से आयोजित की गई यह उड़ान भविष्य की इको-फ्रेंडली और शून्य प्रदूषण वाली यात्रा का संकेत है. जानें कैसे ये तकनीक बदल सकती है हवाई सफर का भविष्य.

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First Electric Flight: दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर तकनीकी क्षेत्र में कई नई खोजें हो रही हैं. इसी दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है एविएशन सेक्टर को, जहां हाल ही में पहली बार एक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक फ्लाइट ने लंदन के Gatwick Airport पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की. यह सिर्फ एक फ्लाइट नहीं, बल्कि भविष्य की यात्रा का संकेत है, जहां सफर न सिर्फ सस्ता और आसान होगा, बल्कि शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ पूरी तरह इको-फ्रेंडली भी होगा.

कैसे हुई शुरुआत?

यह ऐतिहासिक उड़ान Easy Jet एयरलाइन और Cranfield Aerospace Solutions नाम की कंपनियों ने मिलकर संचालित की. दोनों ने मिलकर एक ऐसा एयरक्राफ्ट विकसित किया है, जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक तकनीक पर आधारित है. यह विमान छोटे से मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए डिजाइन किया गया है और पूरी तरह बैटरी से चलता है.

क्या है खास?

इस इलेक्ट्रिक फ्लाइट में न तो फ्यूल जलाया गया और न ही किसी प्रकार का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन हुआ. यह तकनीक पारंपरिक विमानों की तुलना में काफी शांत, किफायती और प्रदूषण रहित है. यही कारण है कि इसे साइलेंट रिवोल्यूशन भी कहा जा रहा है. लैंडिंग के बाद यात्रियों और पर्यावरणविदों ने इस तकनीकी सफलता की खुलकर सराहना की.

क्या है इसका भविष्य?

जानकारों के मुताबिक, आने वाले 5 से 10 वर्षों में छोटे रूट्स (150-300 किमी दूरी) के लिए इलेक्ट्रिक एयर ट्रैवल आम हो जाएगा. इससे एयर ट्रैवल की लागत घटेगी, शोर में कमी आएगी और पर्यावरण पर बोझ भी कम पड़ेगा. यह तकनीक विशेष रूप से शहरी और व्यस्त क्षेत्रों में ट्रैफिक और प्रदूषण को नियंत्रण में रखने में मददगार साबित हो सकती है.

भारत के लिए क्या है मायने?

भारत जैसे देश जहां छोटे शहरों को जोड़ने की आवश्यकता है, वहां यह तकनीक गेमचेंजर साबित हो सकती है. यदि सरकार और निजी विमानन कंपनियां इस दिशा में निवेश करें, तो आने वाले वर्षों में रीजनल कनेक्टिविटी और हरित उड़ान मिशन (Green Flight Mission) को जबरदस्त बढ़ावा मिल सकता है.

सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण सुरक्षा की बात

Gatwick एयरपोर्ट पर पहली इलेक्ट्रिक फ्लाइट की सफल लैंडिंग ने दुनिया को दिखा दिया है कि भविष्य की उड़ानें केवल रफ्तार की बात नहीं, बल्कि सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण सुरक्षा की भी होंगी. इस तकनीक से न सिर्फ सफर आसान होगा बल्कि धरती भी सुरक्षित रहेगी.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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