दिल्ली से मिली हरी झंडी, शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट का विस्तार जल्द, इन दिग्गजों की लग सकती है लॉटरी
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 26 May 2026 8:53 PM
West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ हो गया है. जून के पहले या दूसरे हफ्ते में राजभवन में शपथ ग्रहण हो सकता है. जानें कौन से नये चेहरे बन सकते हैं मंत्री और क्या है बीजेपी का क्षेत्रीय समीकरण.
खास बातें
कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट
West Bengal Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर जारी सस्पेंस खत्म होने वाला है. केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद नये मंत्रियों की सूची फाइनल हो गयी है. जून के पहले या दूसरे सप्ताह में राजभवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है. इस विस्तार में न केवल क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा जायेगा, बल्कि कई ऐसे चौंकाने वाले नाम भी सामने आ सकते हैं, जिनकी किसी को उम्मीद नहीं थी.
9 मई को हुआ था आगाज, अब होगा पूर्ण विस्तार
विधानसभा चुनाव 2026 में पहली बार 208 सीटों की प्रचंड जीत के बाद 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उस वक्त उनके साथ केवल 5 मंत्रियों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदिराम टुडू और नीशीथ प्रमाणिक ने शपथ ली थी. तब से कई महत्वपूर्ण विभाग खाली पड़े थे और इन 5 मंत्रियों पर 2-2 विभागों का अतिरिक्त बोझ था. अब नये मंत्रियों के आने से विभागों का विधिवत पुनर्वितरण होगा.
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इन दिग्गजों के नाम पर लग सकती है मुहर
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंदरूनी सूत्रों की मानें, तो अनुभव और प्रशासनिक योग्यता को इस बार प्राथमिकता दी गयी है. संभावित सूची में ये नाम सबसे आगे चल रहे हैं.
- तापस रॉय : अनुभवी चेहरा, प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं.
- स्वपन दासगुप्ता : नीतिगत मामलों और बौद्धिक विमर्श में पार्टी का बड़ा चेहरा.
- डॉ शंकर घोष : उत्तर बंगाल का प्रतिनिधित्व और शिक्षित चेहरा.
- डॉ शारद्वत मुखर्जी : सामाजिक समीकरणों में फिट बैठने वाले अनुभवी नेता.
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3 महा-समीकरण पर टिकी है नयी कैबिनेट
शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी आलाकमान ने मंत्रिमंडल चयन में 3 मुख्य बिंदुओं पर फोकस किया है.
- क्षेत्रीय संतुलन : उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल के विधायकों को बराबर का प्रतिनिधित्व देने की कोशिश है.
- सामाजिक समीकरण : जातीय और सामाजिक संतुलन को साधते हुए हर वर्ग को सरकार में हिस्सेदारी दी जायेगी.
- प्रशासनिक दक्षता : चूंकि कई विधायक पहली बार जीतकर आये हैं और उनके पास प्रशासनिक अनुभव की कमी है, इसलिए अनुभवी नेताओं को भारी-भरकम विभाग सौंपे जा सकते हैं.
देरी की वजह : पहले काम, फिर पद की रणनीति
राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि विस्तार में देरी क्यों हो रही है? दरअसल, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जल्दबाजी में बड़ा मंत्रिमंडल बनाने की बजाय पहले व्यवस्था सुधारना चाहते थे. सरकार बनते ही उन्होंने अन्नपूर्णा भंडार, आयुष्मान भारत और 125 दिन रोजगार जैसी बड़ी योजनाओं को पटरी पर लाने पर जोर दिया. अब जब प्रशासनिक ढांचा तैयार हो गया है, तो वे टीम विस्तार के लिए तैयार हैं.
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West Bengal Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री के पास रहेंगे पावरफुल विभाग
सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अपने पास गृह मंत्रालय (Home Dept) समेत 4 सबसे महत्वपूर्ण विभाग रख सकते हैं. बाकी के अनुभवी मंत्रियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्त जैसे विभागों की कमान सौंपी जा सकती है. हालांकि, 208 विधायकों की भारी फौज होने के कारण सभी को संतुष्ट करना बड़ी चुनौती है, लेकिन पार्टी का कहना है कि जिन्हें मंत्री पद नहीं मिलेगा, उन्हें संगठन या अन्य सरकारी समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जायेगी.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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