बिहार जा रहा 7 करोड़ का मणिपुरी गांजा जब्त

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Nov 2016 6:16 AM

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रद्द हो चुके नोट खपाने के लिए मंगायी गयी इतनी बड़ी खेप बिहार में शराबबंदी के बाद दूसरे नशीले पदार्थों की मांग बढ़ी नहीं हो पायी किसी तस्कर की गिरफ्तारी सिलीगुड़ी : सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 41वीं बटालियन और सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट की न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) थाने की पुलिस के संयुक्त अभियान में […]

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रद्द हो चुके नोट खपाने के लिए मंगायी गयी इतनी बड़ी खेप

बिहार में शराबबंदी के बाद दूसरे नशीले पदार्थों की मांग बढ़ी

नहीं हो पायी किसी तस्कर की गिरफ्तारी

सिलीगुड़ी : सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 41वीं बटालियन और सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट की न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) थाने की पुलिस के संयुक्त अभियान में लगभग सात करोड़ रुपये का गांजा जब्त किया गया. हालांकि इस अभियान में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

एसएसबी ने जब्त ट्रक और गांजे को न्यू जलपाईगुड़ी थाने को सौंप दिया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नोटबंदी से गांजा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है. रद्द हो चुके नोटों को खपाने के लिए तस्करों ने मणिपुरी से गांजे की इतनी बड़ी खेप बिहार में मंगायी गयी. बिहार में शराबबंदी के बाद अन्य मादक पदार्थों की मांग काफी बढ़ गयी है.

एसएसबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसएसबी की 41वीं बटालियन एक गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार की रात से फूलबाड़ी महानंदा बैरेज के आसपास तैनात थी. एसएसबी को इस रास्ते से गांजे से लदे दो ट्रक निकलने की जानकारी मिली थी. पूरी रात इंतजार के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगी.

रविवार की सुबह सूचना मिली कि फूलबाड़ी स्थित एक शॉ मिल के पास एक ट्रक खड़ा है. जानकारी मिलते ही बटालियन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ट्रक खाली था. चालक व खलासी भी गायब थे. जवानों ने ट्रक की छानबीन शुरू की. ट्रक में एक फॉल्स तल बनाकर उसमें गांजा छिपा कर रखा गया था. फॉल्स तल को खोलने के बाद तीन किलो से लेकर 17 किलो तक के गांजे से भरे कुल 97 पैकेट बरामद हुए. एसएसबी ने ट्रक सहित जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत सात करोड़ रुपये आंकी है. एनजेपी थाने की पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 97 पैकेटों में 1009 किलो गांजा है.

गांजे की यह खेप मणिपुर से असम व सिलीगुड़ी के पास स्थित फूलबाड़ी से होते हुए बिहार जा रही थी. गाड़ी से असम, बंगाल और बिहार की छह अलग-अलग नंबर प्लेट मिलीं. ये सभी नंबर फर्जी हैं. राज्य की सीमा में प्रवेश करते ही तस्कर गाड़ी का नंबर बदल दिया करते थे.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बिहार में शराब पर पूर्ण पाबंदी के बाद अन्य मादक पदार्थों की मांग काफी बढ़ गयी है. इसी अनुसार तस्करी की गतिविधियां भी बढ़ गयी हैं. इसी बीच केंद्र सरकार ने पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट रद्द कर दिये हैं. अपने पुराने नोटों को भुनाने के लिए तस्करों ने एक साथ इतनी भारी मात्रा में गांजे की खेप बिहार मंगायी है.

उल्लेखनीय है कि बीते शनिवार की सुबह भी एनजेपी थाने की पुलिस ने 23 किलोग्राम मणिपुरी गांजे के साथ एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया था.

एसएसबी की 41वीं बटालियन के कमांडेंट डीके सिंह ने बताया कि असम से गाड़ी निकलने के बाद से ही इस गाड़ी पर निगरानी रखी जा रही थी. लेकिन बार-बार नंबर प्लेट बदल कर तस्कर आंखों में धूल झोंक रहे थे. फूलबाड़ी पहुंचते ही फिर से नंबर बदल दिया गया था.

शनिवार की रात ही गाड़ी फूलबाड़ी से होकर गुजरने की बात थी. लेकिन शनिवार की सुबह गांजे से लदा यह ट्रक फूलबाड़ी के निकट एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल के निकट पाया गया. छानबीन में पता चला कि गाड़ी वहां पहुंचकर खराब हो गयी थी. ट्रक में एक फॉल्स तल बनाकर गांजे को छिपाकर रखा गया था. श्री सिंह ने बताया कि इस ट्रक को बड़ी ही सुरक्षा के साथ असम से बिहार ले जाया जा रहा था. इस ट्रक के आगे और पीछे दो छोटी गाड़ियां भी निगरानी में थीं.

लेकिन प्रशासन की ओर से पीछा किये जाने की भनक उन्हें भी थी. इसी वजह से गाड़ी खराब होने के बाद और कोई रास्ता ना पाकर सभी तस्कर फरार हो गये. इस अभियान में किसी तस्कर को गिरफ्तार ना किये जाने पर उन्होंने अफसोस व्यक्त किया.

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