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गंगासागर को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाकर ही रहेंगे : सीएम

Updated at : 07 Jan 2025 1:18 AM (IST)
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गंगासागर को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाकर ही रहेंगे : सीएम

South 24 Parganas: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee with head priest Mahant Gyan Das at Kapil Muni temple, at the Sagar Island in South 24 Parganas, Monday, Jan. 6, 2025. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI01_06_2025_000273B)

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर गंगासागर को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की मांग की है.

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मुख्यमंत्री ने सागरद्वीप के कपिल मुनि मंदिर में की पूजा-अर्चना

कहा : केंद्र में हमारे सहयोग से सरकार बनने पर यह सपना भी होगा पूरा

सागरद्वीप से अमर शक्तिमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर गंगासागर को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की मांग की है. सोमवार को यहां कपिल मुनि मंदिर में पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा मिलना इसका हक है. हम किसी से कोई भीख नहीं मांग रहे है. केंद्र सरकार गंगासागर मेले को इसका हक नहीं दे रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में हमारे सहयोग से सरकार बनने के बाद हम गंगासागर मेले को राष्ट्रीय दर्जा दिलायेंगे. सुश्री बनर्जी ने कहा: हम सभी मेले का सम्मान करते हैं. कुंभ मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा मिला है, इससे हमें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन गंगासागर मेले का महत्व भी कुंभ मेले से कम नहीं है. चूंकि कुंभ मेला सड़क, रेल व हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है, इसलिए वहां जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती. कुंभ मेले के लिए केंद्र सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन गंगासागर मेले के लिए एक रुपया भी नहीं देती. गंगासागर मेले के आयाेजन के लिए पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है. सदियों से सागरतट पर आयोजित होने वाले गंगासागर मेले में पहुंचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जलमार्ग से होकर ही आना होगा. पिछले वर्ष यहां एक करोड़ से अधिक तीर्थयात्री आये थे. इसलिए गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा मिलना ही चाहिए.

आश्वासन देने के बाद भी केंद्र ने मूड़ी गंगा पर ब्रिज बनाने के लिए नहीं की कोई मदद: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर बंगाल की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि एक केंद्रीय मंत्री ने मूड़ी गंगा नदी पर ब्रिज बनाने का आश्वासन दिया था.

उन्होंने घोषणा की थी कि मूड़ी गंगा नदी पर केंद्र सरकार की मदद से ब्रिज बनाया जायेगा. केंद्रीय मंत्री की घोषणा के बाद हमने तीन-चार वर्षों तक इंतजार किया. वहां से कोई सूचना नहीं मिलने के बाद हमारी सरकार ने अपने दम पर ब्रिज का निर्माण करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि सागरद्वीप को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए राज्य सरकार की ओर से मूड़ी गंगा नदी पर गंगासागर सेतु के निर्माण की घोषणा की गयी है और इसकी प्रक्रिया को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि सेतु निर्माण के लिए सर्वे के बाद डीपीआर तैयार किया गया था और अब ब्रिज निर्माण के लिए निविदा भी आमंत्रित किया गया है. उन्होंने कहा कि ब्रिज के निर्माण पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे और अगले तीन वर्ष में ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्रिज बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से फंड आवंटित किया जा चुूका है. मूड़ी गंगा नदी पर करीब पांच किलोमीटर लंबा सेतु का निर्माण किया जायेगा. राज्य सरकार किसी प्रतिष्ठित कंपनी द्वारा इस ब्रिज का निर्माण कराना चाहती है ताकि यह शताब्दियों तक टिका रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि मूड़ी गंगा पर सेतु बनने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या और भी बढ़ेगी और लोग आसानी से सड़क मार्ग के जरिये सीधे सागरतट पर पहुंच पायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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