अपने हक की लड़ाई से पीछे हट रहे उपभोक्ता

Updated at : 02 Jun 2025 9:28 PM (IST)
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अपने हक की लड़ाई से पीछे हट रहे उपभोक्ता

पश्चिम बर्दवान जिला बनने के आठ साल बाद भी यहां के नागरिकों को जिला कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन (जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग) की सुविधा नहीं मिली है, जिसके कारण अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होने के बाद भी उपभोक्ता अपनी हक की लड़ाई लड़ने से पीछे हट जा रहे हैं. उपभोक्ता मामलों से जुड़े विवादों को लेकर अभी भी यहां के नागरिकों को पुर्व बर्दवान जिला में जाना पड़ता है.

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आसनसोल.

पश्चिम बर्दवान जिला बनने के आठ साल बाद भी यहां के नागरिकों को जिला कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन (जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग) की सुविधा नहीं मिली है, जिसके कारण अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होने के बाद भी उपभोक्ता अपनी हक की लड़ाई लड़ने से पीछे हट जा रहे हैं. उपभोक्ता मामलों से जुड़े विवादों को लेकर अभी भी यहां के नागरिकों को पुर्व बर्दवान जिला में जाना पड़ता है. पूर्व बर्दवान में स्थित कंज्यूमर कमीशन में जाने से समय और पैसे की बर्बादी के डर से लोग समस्या से एडजस्ट कर लेते हैं, जिसका सीधा लाभ विक्रेता और सेवा प्रदाता संस्थाओं को मिल रहा है. वे अपने ग्राहकों को सही परिसेवा नहीं देकर भी मजे में हैं कि उनके खिलाफ कोई कुछ नहीं कर रहा है. जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है.

पश्चिम बर्दवान जिला में स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन का सर्किट बेंच बना और जिसका उद्घाटन आठ जुलाई 2018 को हुआ था. यहां 50 लाख रुपये से अधिक के विवादों पर सुनवाई होती है. लेकिन जिला कंज्यूमर कमीशन नहीं खुला जहां 50 लाख रुपये से नीचे साधारण लोगों से जुड़ी सारे मामलों की सुनवाई हो सके. जिसे लेकर जिला के लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं, जो किसी न किसी तरह विक्रेता और सेवा प्रदाता सस्थाओं से प्रताड़ित हुए हैं या हो रहे हैं. वे पूर्व बर्दवान में स्थित कंज्यूमर कमीशन में जाकर शिकायत करने और हर सुनवाई में जाकर पस्थित रहने के डर से समस्या का निष्पादन करने के बजाय उसके साथ एडजस्ट करने को मजबूर हो रहे हैं. आसनसोल अड्डा कार्यालय के समक्ष ही जिला कंज्यूमर कमीशन का कार्यालय क्रेता सुरक्षा भवन बनकर तैयार है. इसका उद्घाटन कब होगा? इसकी सही जानकारी किसी के पास नहीं है. जिला के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भवन में अभी भी अंदर काम चल रहा है. चुनाव के पहले ही इसके उद्घाटन होने की संभावना है. गौरतलब है कि पैसा के बदले जो भी सामान या परिसेवा हम लेते है, उसमें यदि किसी प्रकार की कोई समस्या होती है और उसका समाधान यदि विक्रेता या सेवा प्रदाता संस्था नहीं करती है तो उपभोक्ता इस मामले को कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में ले जा सकता है. एक स्टेट कंज्यूमर कमीशन होता है, जहां 50 लाख रुपये से अधिक के मामलों की सुनवाई होती है और दूसरा जिला कंज्यूमर कमीशन होता है, जहां 50 लाख रुपये से नीचे के मामलों की सुनवाई होती है. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत स्थापित यह एक अर्ध न्यायिक निकाय है. यह उपभोक्ता विवादों के निपटारे के लिए प्रत्येक जिला में कार्य करता है. यह मंच उपभोक्ता के अधिकारों के रक्षा के लिए शिकायतें सुनता है, विवादों का निपटान करता है और उपभोक्ताओं को उचित मुआवजा दिलाता है. पश्चिम बर्दवान जिला में जिला कंज्यूमर कमीशन का कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे लोगों की समस्या चरम पर है.

पूर्व बर्दवान जाने के डर से जिला के लोग कंज्यूमर कमीशन ने नहीं करते शिकायत

पूर्व बर्दवान जिला कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन के मीडियेटर व कलकत्ता उच्च न्यायालय अधिवक्ता तथा पश्चिम बर्दवान जिला के सालानपुर थाना क्षेत्र इलाके के निवासी हरिशंकर चट्टोपाध्यय ने कहा कि उनके पास भारी संख्या में उपभोक्ता अपनी परेशानी लेकर आते हैं. कुछ मामलों का समाधान फोन करने पर भी ही हो जाता है. फोन पर विक्रेता या सेवा प्रदाता संस्था के अधिकारी को पूरी बात समझायी जाती है कि उपभोक्ता के साथ न्याय नहीं हुआ तो फिर कंज्यूमर कमीशन में मामला किया. इससे कुछ मामलों का समाधान तुरंत हो जाता है. लेकिन अधिकांश मामलों में ऐसा नहीं होता है. उन मामलों को कमीशन में शिकायत करना ही उपभोक्ता के पास एकमात्र विकल्प होता है. अब बर्दवान जाकर शिकायत करने पर समय और खर्च दोनों को लेकर उपभोक्ता सहम जाता है और अपने हक की लड़ाई लड़ने से पीछे हट जाता है. अपने जिला में ही कंज्यूमर कमीशन बन जाने पर लोगों को भारी राहत होगी. जो विक्रेता या सेवा प्रदाता से परेशान हैं वह लोग बिना हिचक के यहां अपनी शिकायत कर पाएंगे.

बॉश वाशिंग मशीन की सर्विस से तंग उपभोक्ता ने भेजा लीगल नोटिस

पूर्व बर्दवान जिला कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन के मीडियेटर श्री चट्टोपाध्यय ने बताया कि रूपनारायणपुर इलाके के निवासी एसएस ठाकुर बॉश कंपनी का ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन खरीदा था. वे कंपनी के आफ्टर सेल सर्विस के दावे से प्रभावित होकर ही बॉश का वाशिंग मशीन लिया. उनके मशीन का मोटर खराब हो गया. अगस्त 2024 में शिकायत की थी, अब कंपनी ने उनका मशीन ठीक नहीं करवाया है. अनेकों बार फोन पर बातचीत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा गया. इसके बाद संपर्क किया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. अब इस मामले को कंज्यूमर कमीशन में शिकायत करनी है. अब इसके लिए बर्दवान जाना होगा बोलकर अड़चन आ रही है. ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या लाखों में हो सकती है. बढ़ते ऑनलाइन खरीदारी में सर्विस की सुविधा सही तरीके से ग्राहकों मिलना एक चुनौती बनी हुई है. ऐसे में कंज्यूमर कमीशन ही उपभोक्ता को राहत दे सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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