गढ़ जंगल का पीपीपी मॉडल पर धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकास

Updated at : 26 Jun 2025 9:50 PM (IST)
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गढ़ जंगल का पीपीपी मॉडल पर धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में होगा विकास

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी व बर्दवान दुर्गापुर के सांसद तथा तृणमूल कांग्रेस नेता कीर्तिवर्धन भागवत झा आजाद ने अपने संसदीय क्षेत्र अंतर्गत दुर्गापुर महकमा के कांकसा ब्लॉक अंचल के गढ़ जंगल को धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की है.

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आसनसोल/दुर्गापुर.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी व बर्दवान दुर्गापुर के सांसद तथा तृणमूल कांग्रेस नेता कीर्तिवर्धन भागवत झा आजाद ने अपने संसदीय क्षेत्र अंतर्गत दुर्गापुर महकमा के कांकसा ब्लॉक अंचल के गढ़ जंगल को धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की है. श्री झा ने कहा कि गढ़ जंगल में दुनिया की पहली दुर्गापूजा हुई थी. राजा सुरथ ने महामुनि मेधास के मार्गदर्शन में साल पेड़ के नीचे बैठ कर दुर्गापूजा की थी. इस जगह को राजा सुरथ के धर्म गढ़ के रूप में जाना जाता है. इसका जिक्र देवी पुराण के पांचवें अध्याय में पेज संख्या 97 से 108 के बीच में है. इस जगह का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व काफी ज्यादा है, इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से इलाके की रौनक बढ़ जाएगी और प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार का मौका भी मिलेगा. इस बात को ध्यान में रखते हुए गढ़ जंगल को पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप (पीपीपी) मोड में विकसित करने का खाका तैयार किया गया है. जिसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई है. जिलाधिकारी एस पोन्नमबलम ने कहा कि सांसद कीर्ति आजाद ने इस विषय को लेकर एक प्रस्ताव तैयार करके दिया है. जिसपर काम शुरू हुआ है.

गौरतलब है गढ़ जंगल को राजा सुरथ द्वारा स्थापित दुर्गापूजा के लिए जाना जाता है, मान्यता है कि दुनियां में पहली बार दुर्गापूजा यहीं हुई थी. यहां देवी दुर्गा के तीन रूपों काली, सरस्वती और लक्ष्मी को समर्पित मंदिर है. घने जंगल के बीच हरियाली और शांतिपूर्ण माहौल यहां की खूबसूरती है. इस जगह का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व काफी ज्यादा होने के बावजूद भी यह जगह धार्मिक पर्यटन के रूप में पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है. सांसद श्री झा ने इसपर पहल की है. उन्होंने कहा टूरिज्म एक महत्वपूर्ण उद्योग है जो आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

सांसद की पहल पर प्रशासनिक स्तर पर कार्य शुरू वन विभाग के साथ बैठक की तैयारी

जिलाधिकारी पोन्नमबालम एस ने कहा कि गढ़ जंगल फॉरेस्ट के इलाके में स्थित है. इसे विकसित करने के लिए वन विभाग की अनुमति लेनी होगी. दुर्गापुर के महकमा शासक को निर्देश दिया गया है कि वे वन विभाग के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को लेकर बैठक करें और पीपीपी मोड में इस जगह को विकसित करने के लिए वन विभाग की ओर से क्या बाधाएं हैं और उसके लिए क्या-क्या अनुमति लेनी होगी? उसकी सूची तैयार करें. इस सूची के तैयार होने के बाद उसपर कार्य किया जाएगा.

पश्चिम बर्दवान जिला टूरिज्म सर्किट में शामिल किया गया है गढ़ जंगल

जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म सर्किट तैयार किया गया है. जिसमें प्रमुख धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थल को शामिल किया गया. अतिरिक्त जिलाधिकारी (विकास) संजय पाल ने कहा कि टूरिज्म सर्किट में गढ़ जंगल भी शामिल है. पर्यटन के दृष्टिकोण से यह काफी महत्वपूर्ण जगह है. टूरिज्म सर्किट में कांकसा में स्थित देऊल, आसनसोल में घाघरबुड़ी मंदिर, चंद्रचूड़ मंदिर, कल्यानेश्वरी मंदिर आदि शामिल है. इन जगहों पर भारी संख्या में हर साल पर्यटक आते हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही

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