पानागढ़ : अब ‘ई-नजरदारी’ से कसा जाएगा बालू माफियाओं पर शिकंजा

Updated at : 10 Dec 2018 11:45 PM (IST)
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पानागढ़ :  अब ‘ई-नजरदारी’ से कसा जाएगा बालू माफियाओं पर शिकंजा

मुकेश तिवारी, पानागढ़ पानागढ़ : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार-बार अवैध बालू खनन तथा अवैध कारोबारियों, ओवरलोड वाहनों आदि को लेकर जिला प्रशासन को सचेत किये जाने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है. ऐसे में बीरभूम जिला प्रशासन अवैध बालू कारोबारियों की नकेल कसने के लिए विशेष ‘ऐप’ तैयार कर रहा है. बीरभूम […]

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मुकेश तिवारी, पानागढ़
पानागढ़ : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बार-बार अवैध बालू खनन तथा अवैध कारोबारियों, ओवरलोड वाहनों आदि को लेकर जिला प्रशासन को सचेत किये जाने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है. ऐसे में बीरभूम जिला प्रशासन अवैध बालू कारोबारियों की नकेल कसने के लिए विशेष ‘ऐप’ तैयार कर रहा है.
बीरभूम जिला शासक मौमिता गोदारा बसु ने इस दिशा में पहल शुरू की है. जिले के भूमि तथा भूमि राजस्व अधिकारियों समेत सही बालू कारोबारियों को लेकर एक बैठक उन्होंने की. दो दिनों तक बैठक के बाद जिला शासक ने अवैध कारोबारियों के खिलाफ नई तकनीक का उपयोग करने की घोषणा की.
उन्होंने कहा कि एप्प के मार्फत अवैध बालू के कारोबारियों की नकेल कसी जा सकेगी. आगामी एक सप्ताह में ही राजस्व वसूली हेतु उक्त एप्प चालू किया जा रहा है.
  • वीरभूम के जिलाशासक की पहल पर किया जा रहा इसे विकसित
  • बालू व्यवसाय से संबंधित सभी तथ्य होंगे उपलब्ध, जांच आसान
  • मुख्यमंत्री ममता लगातार निर्देश दे रही अवैध कारोबार के नियंत्रण की
इस एप्प के माध्यम से फर्जी चालान पर पूरी तरह से पाबंदी लग जायेगी. बीरभूम ई- नजरदारी नाम से उक्त एप्प चालू किया जा रहा है. इस पर बालू कारोबार का संपूर्ण तथ्य उपलब्ध रहेगा. बालू ले जाने वाले वाहनों का भी डिटेल्स उपलब्ध रहेगा. बालू कहां से कब लोड हुआ, कितने समय में कहां जायेगा आदि तथ्य भी उपलब्ध रहेंगे.
साथ ही साथ क्यू कोड के साथ चालान का तथ्य मौजूद रहेगा. बालू का परिमाण समेत खरीदारी करने वाले पार्टी का डिटेल्स भी उपलब्ध रहेगा. प्रशासन के अधिकारी अथवा संबंधित अधिकारी जब उक्त वाहन को जांच के समय मोबाइल में मौजूद एप का कैमरा जब उक्त चालान के बार कोड पर डालने से ही सम्पूर्ण तथ्य सामने आ जायेगा. पता चल जायेगा कि उक्त चालान असली है या फर्जी है.
अभी चालान का जांच करने में प्रशासन को दो से तीन दिन लग जाता है. लेकिन उक्त एप के चालू होने से पल भर में ही सम्पूर्ण तथ्य सामने होगा. फलस्वरूप वैध बालू कारोबारियों को सही काम करने में जहां सहुलियत होगी. अवैध बालू तस्करों को पकड़ने में सहुलियत होगी. वर्ष 2016 में जिले के ब्राह्मणी, द्वारका, मयूराक्षी, हिंगला, शाल, अजय आदि नदी स्थित बालू 203 ब्लॉक में बालू घाट को चिन्हित कर ई- टेंडर जिला प्रशासन ने किया था. जिसमें 177 घाट मालिकों को प्रदूषण संबंधित छूट दी गई थी. सात घाटों की प्रक्रिया चल रही है.
बीरभूम जिला बालू मालिक समिति के अध्यक्ष अरिंदम सेन ने कहा कि एप्प के माध्यम से चालान की जांच चालू होने से बैध बालू कारोबारियों को सहूलियत होगी. उन्होंने कहा कि फरक्का सेतु पुनरोद्धार के कारण बालू का कारोबार कुछ दिनों से बंद था. जिला प्रशासन से आग्रह है कि लीज मनी रुपये जमा करने की तिथि बढ़ायी जाये.
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