सीआइडी अधिकारियों ने संभाली जांच की कमान

Updated at : 10 Jul 2018 1:48 AM (IST)
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सीआइडी अधिकारियों ने संभाली जांच की कमान

आसनसोल : इंडियन बैंक की आरके मिशन शाखा में 38 लाख रुपये की डकैती कांड में जांच के लिए कोलकाता से सीआईडी की डकैती, रॉबरी, बर्गलरी एंड थेफ्ट (डीआरबिटी) सेक्शन के तीन अवर निरीक्षक सोमवार आसनसोल पहुंचे. आसनसोल नार्थ थाना प्रभारी शांतुनु अधिकारी को साथ लेकर विभिन्न सड़कों का निरीक्षण किया. जिस रास्ते से (गोविंदपुर) […]

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आसनसोल : इंडियन बैंक की आरके मिशन शाखा में 38 लाख रुपये की डकैती कांड में जांच के लिए कोलकाता से सीआईडी की डकैती, रॉबरी, बर्गलरी एंड थेफ्ट (डीआरबिटी) सेक्शन के तीन अवर निरीक्षक सोमवार आसनसोल पहुंचे. आसनसोल नार्थ थाना प्रभारी शांतुनु अधिकारी को साथ लेकर विभिन्न सड़कों का निरीक्षण किया.
जिस रास्ते से (गोविंदपुर) होकर अपराधी कांड को अंजाम देकर भागे थे, उस रास्ते की अच्छी तरह से देखा. जुबली मोड़ एचएलजी अस्पताल मोड़ तक बिजली के पोल में लगे सभी सीसीटीवी का फुटेज भी संग्रह किया. यह टीम कल बैंक कर्मियों से पुनः पूछताछ करेगी. बैंक डकैती कांड में किसी स्थानीय खबरी के होने की पुख्ता सबूत पुलिस और सीआईडी दोनों खंगाल रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज में दो बाईक पर सवार छह अपराधी बैंक डकैती के बाद जिस बाईक लेकर गोबिंदपुर इलाके में प्रवेश किया है.
उससे पुलिस को यकीन हो गया है कि लोकल लिंक के बगैर गोविंदपुर के रास्ते से इस तेजी से प्रवेश कर निकल जाना संभव नहीं है. छह अपराधियों में से एक कोई स्थानीय भी उनके साथ था जो उन्हें रास्ता बता रहा था. अपराधियों ने बाईक का जो फर्जी नंबर लगाया था, वह भी आसनसोल के ही रजिस्ट्रेसन का नम्बर था. इसलिए बगैर किसी स्थानीय सहयोगी के यह कांड अंजाम तक नहीं पहुंचा है. सीआईडी ने इस विषय को ध्यान में रखते हुए सभी रास्तों की बारीकी से जांच की.
38 लाख रुपया भी सवालों के घेरे में: डकैती के बाद ही पुलिस का पहला सवाल था कि क्या इस बैंक में 38 लाख रुपया थे? घटना के दिन ही पुलिस ने बैंक के अनेकों ग्राहकों से पूछताछ की. जिसमें पुलिस को यह जानकारी मिली कि यहां 50 हजार रुपया निकासी के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है. आसनसोल शाखा से पैसा मंगाने की बात कही जाती है.
हालांकि बैंक के लेजर बुक में 38 लाख रुपया होने की पुष्टि हुयी. बैंक का कहना है कि इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है. जिसके कारण काफी ड्राफ्ट बन रहे थे. यही पैसा यहां था. पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि बैंक में इतना पैसा होने की सूचना क्या अपराधियों के पास थी ?
घटती हुई वनों और वन्य जीवों की संख्या ही प्रकृति के असंतुलन का सबसे बड़ा कारण: दुर्गापुर. वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार द्वारा मनाये जा रहे राष्ट्रीय वन महोत्सव के दौरान सेल की दुर्गापुर स्थित इकाई एलॉय स्टील प्लांट(एएसपी) के सीआइएसएफ हाउसिंग कॉलोनी में सीआईएसएफ इकाई डीएसपी ने पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया.
मौके पर बड़ी संख्या में फलदार व छायेदार पौधे लगाये गये. इस दौरान एएसपी के कार्यकारी निदेशक एसके मिश्रा, सीनियर कमांडेंट डीएसपी इकाई शरत कुमार, जीएम आई/सी वर्क्स माणिक बनर्जी, जीएम सर्विसेस उज्जवल भौमिक के अलावा उपकमांडेंट विजय कुमार, दीपक कुमार, सहायक कॉन्डेंट आरएल मीणा आदि उपस्थित थे.
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