निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर भाजपा नेता हिंसा प्रभावित आसनसोल पहुंचे, ममता और पुलिस पर बरसे

Updated at : 01 Apr 2018 12:48 PM (IST)
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निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर भाजपा नेता हिंसा प्रभावित आसनसोल पहुंचे, ममता और पुलिस पर बरसे

कोलकाता : रामनवमी जुलूस को लेकर पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भड़की हिंसा के बाद शहर की स्थिति का जायजा लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर वहां पहुंचा. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर पश्चिम बर्दवान […]

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कोलकाता : रामनवमी जुलूस को लेकर पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भड़की हिंसा के बाद शहर की स्थिति का जायजा लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर वहां पहुंचा. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर पश्चिम बर्दवान जिले में आसनसोल-रानीगंज क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया. राज्यसभा सदस्य ओम प्रकाश माथुर ने कहा कि पुलिस लोगों की सुरक्षा नहीं की. उन पर अत्याचार किये. पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायी. खास वर्ग के लोगों की पुलिस ने मदद की.

शाहनवाज हुसैन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘हम आसनसोल में रामकृष्णपुर और धड़का के राहत शिविरों में गये. हमने पाया कि जो कुछ हुआ, वह गलत था. यह राज्य सरकार की विफलता है.’ उन्होंने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यह प्रतिनिधिमंडल भेजा है, जो अपनी वापसी पर उन्हें रिपोर्ट सौंपेगा. प्रतिनिधिमंडल में हुसैन के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य ओम प्रकाश माथुर, पलामू के सांसद और झारखंड पुलिस के पूर्व महानिदेशक विष्णु दयाल राम और राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली हैं.

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आसनसोल के रास्ते में बसरा मोड़ और कालीपहाड़ी पर पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल से रुक जाने का अनुरोध किया था, क्योंकि इलाके में निषेधाज्ञा में लगी है. लेकिन, संक्षिप्त बातचीत के बाद भाजपा नेता आसनसोल की अपनी यात्रा की योजना के हिसाब से आगे बढ़ गये. आसनसोल पहुंचने के पश्चात प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने राहत शिविरों में ठहरे लोगों से बातचीत की. उनके साथ स्थानीय भाजपा नेता भी थे.

राज्य सरकार ने शनिवार को कहा था कि वह भाजपा टीम को कोयला नगरी आसनसोल और रानीगंज नहीं जाने देगी, क्योंकि दंगा प्रभावित इन शहरों में सीआरपीसी धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगी है. उसने यह भी कहा था कि पंचायत चुनाव की घोषणा होने और आचार संहिता लागू होने के बाद वह भाजपा प्रतिनिधिमंडल को दंगा प्रभावित आसनसोल और रानीगंज की यात्रा के दौरान पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया करा पायेगी.

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी नेशनिवारको हिंसा प्रभावित आसनसोल और रानीगंज का दौरा किया था. वहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ ही लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की. आसनसोल-रानीगंज में रामनवमी के जश्न के मौके पर दो समूहों के बीच झड़प होगयी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत होगयी और दो पुलिसकर्मी घायल हो गये. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इन दोनों शहरों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गयी हैं.

यह पूछे जाने पर कि हिंसा भड़काने का आरोप भाजपा, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल पर लग रहे हैं, ओम प्रकाश माथुर ने कहा कि यदि उनकी पार्टी को हिंसा ही भड़कानी होती, तो वे आसनसोल तक सीमित क्यों रहते. पूरे राज्य में हिंसा करवा देते. उन्होंने का कि भाजपा सांप्रदायिक पार्टी नहीं है. हिंसा में उसका विश्वास नहीं है. तृणमूल कांग्रेस के उस बयान पर, जिसमें कहा गया था कि बिहार-झारखंड के लोग बंगाल में हिंसा फैला रहे हैं, श्री माथुर ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था का मामला है. राज्य सरकार को उस पर ध्यान देने की जरूरत है.

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टीवी सीरियल महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाकरमशहूरहुईं भाजपा नेता रूपा गांगुली आसनसोल में ममता बनर्जी पर जमकर बरसीं. उन्होंने कहा कि ममता राज्य में हिंसा करवा रही है. विकास कार्य ठप पड़े हैं. आसनसोल में जो हिंसा हुई, उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ममता बनर्जी को इस्तीफा दे देना चाहिए.

ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित आसनसोल में राजनीतिक दलों के नेताओं के आने का सिलसिला जारी है. रविवार को ओम माथुर, शाहनवाज हुसैन, रूपा गांगुली और बीडी माथुर ने आसनसोल स्थित राहत शिविर का दौरा किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया. रामनवमी के दिन दो समुदायों के बीच हुई हिंसा के बाद से आसनसोल राजनीति का अखाड़ा बन गया है.

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