10 दिनों में कंपनियों से मांगी रिपोर्ट

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सांकतोडिया. साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसइसीएल) बिलासपुर में हुई स्पेशल फीमेल वीआरएस सब कमेटी की बैठक के बाद कोल इंडिया प्रबंधन ने सभी अनुषांगिक कोयला कंपनियों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के तहत आवेदक महिला कर्मियों की संख्या तथा उसके एवज में जारी की गयी नियुक्तियों के संबंध में दस दिनों के अंदर कंपनी मुख्यालय में […]

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सांकतोडिया. साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसइसीएल) बिलासपुर में हुई स्पेशल फीमेल वीआरएस सब कमेटी की बैठक के बाद कोल इंडिया प्रबंधन ने सभी अनुषांगिक कोयला कंपनियों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के तहत आवेदक महिला कर्मियों की संख्या तथा उसके एवज में जारी की गयी नियुक्तियों के संबंध में दस दिनों के अंदर कंपनी मुख्यालय में भेजने का निर्देश दिया है. इसके बाद सभी कंपनियों के मुख्यालय में अधिकारी रेस हो गये हैं.
बैठक की अध्यक्षता एसईसीएल के सीएमडी सह सब कमेटी के अध्यक्ष बीआर रेड्डी ने की. ईसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्न, एसईसीएल के कार्मिक निदेशक डॉ आरएस झा, कोल इंडिया के महाप्रवंधक (कार्मिक) एके सक्सेना, यूनियन प्रतिनिधियों में बीएमएस के बीके राय, एचएमएस के नत्थूलाल पांडेय, सीटू के डीडी रामानंदन तथा एटक के रमेन्द्र कुमार आदि शामिल थे.
यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड ने महिला कर्मियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना शुरू की. इसमें महिला कर्मचारियों को अपने पुरूष आश्रित को नौकरी देने का प्रावधान किया गया था. इसके बाद काफी संख्या में महिला कामगारों ने आवेदन किये. प्रवंधन ने इन आवेदनों पर विचार करने के बाद स्वीकृत करते हुए अधिकांश महिला कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दे दी.
हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में आश्रितों को नौकरी नहीं मिला. उन्हें करव ब्लाइंडनेस के आधार पर अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया. इसका परिणाम यह निकला कि महिला कामगार सेवा से मुक्त हो गयी तथा उनके आश्रित को नौकरी भी नहीं मिली. इस तरह की कई विसंगतियों के सामने आने पर यूनियन प्रतिनिधियों ने प्रबंधन के समक्ष एकरूपता लाने के लिए प्रस्ताव रखा. इसे लेकर जेबीसीसीआइ सब कमेटी की बैठक हुई. तीन घंटों तक चली बैठक में सिर्फ चर्चा होती रही, कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ. चर्चा में कहा गया कि प्रबंधन के पास इस संबंध में सभी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है.
इस योजना के तहत सभी अनुषांगिक कोयला कंपनियों से कितना महिला कर्मियों ने आवेदन किया और कितनी महिलाओं के आवेदन स्वीकृत कर आश्रितों को नौकरी दी गई तथा वर्तमान में आश्रित किस पद पर कार्यरत है, इन सबकी रिपोर्ट आ जाने के बाद समीक्षा कर अंतिम निर्णय लिया जायेगा. प्रवंधन ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए सभी कंपनी प्रवंधन से जानकारी देने का आदेश जारी कर दिया गया.
बीएमएस के प्रतिनिधि बीके राय ने कहा
बीएमएस प्रतिनिधि श्री राय ने बताया की प्रवंधन ने किसी महिला कर्मी के पुत्र को केटेगरी वन की नौकरी दी तो कहीं अंडरग्राउंड में नौकरी दी गयी. इसी तरह कई स्थान पर कार्यालय में नियोजित कर लिया गया. कंपनी प्रवंधन ने कई महिला कर्मियों के आश्रितों को विभिन्न खामियां गिनाते हुए नौकरी देने से इंकार कर दिया.
जिसके करण महिला कर्मियों में नाराजगी व्याप्त हो गई थी क्योंकि उनकी नौकरी भी चली गई और आश्रित को नौकरी नहीं मिल सकी. इस मसले पर पिछले माह कोलकाता में हुई बैठक में लिए गए निर्णय लिया गया. निर्णय के अनुसार जल्द आदेश जारी करने के लिए कहा गया. नौकरी में एकरूपता लाने पर चर्चा हुई. दस दिन के अंदर सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करने का निर्णय लिया गया है.
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