बसों की ओवरलोडिंग पर नहीं किसी का वश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Jun 2017 9:52 AM

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महानगर समेत कई इलाकों में बसों में की जाती है ओवरलोडिंग, ट्रक मालिकों को हो रहा नुकसान अधिक मुनाफा के चक्कर में यात्रियों की जान से करते हैं खिलवाड़ अमित शर्मा कोलकाता : ट्रक समेत अन्य मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के खिलाफ कई संगठन आंदोलन कर रहे हैं. लेकिन बसों में ओवरलोडिंग की समस्या और […]

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महानगर समेत कई इलाकों में बसों में की जाती है ओवरलोडिंग, ट्रक मालिकों को हो रहा नुकसान
अधिक मुनाफा के चक्कर में यात्रियों की जान से करते हैं खिलवाड़
अमित शर्मा
कोलकाता : ट्रक समेत अन्य मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के खिलाफ कई संगठन आंदोलन कर रहे हैं. लेकिन बसों में ओवरलोडिंग की समस्या और गंभीर होती जा रही है. बंगाल समेत देश के अन्य राज्यों में कई ऐसे हादसे हुए जिसकी वजह ओवरलोडिंग थी. अधिक मुनाफा के चक्कर में बसों में धड़ल्ले से सामानों की लदाई की जाती है. व्यापारी ट्रक या अन्य मालवाहक वाहनों से सामान ना भेजकर बिना उचित दस्तावेज के बसों एवं अन्य यात्री वाहनों में भेज रहे हैं. व्यापारी सेल टैक्स चोरी करने के इरादे से ऐसा करते हैं. कई बस मालिक वाहनों में अवैध तरीके से सामान ले जाने की अनुमति देकर धड़ल्ले से मुनाफा कमाते हैं. उन्हें यात्रियों की जान की फिक्र नहीं रहती.
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
आइजी (ट्रैफिक) मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि बसों में अवैध तरीके से माल ढुलाई और ओवरलोडिंग के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है. वर्ष 2015 से इस वर्ष मार्च महीने तक बसों में ओवरलोडिंग के 321 मामलों में कार्रवाई की गयी.
पुलिस बस एवं अन्य यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग के खिलाफ चालान काट सकती है लेकिन मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के मामले में पुलिस और आरटीओ संयुक्त रूप से काम करते हैं. ओवरलोडेड मालवाहक वाहनों को पुलिस पकड़ तो सकती है लेकिन चालान नहीं काट सकती है. यह अधिकार आरटीओ का है. हालांकि बस और अन्य यात्री वाहनों में चालान काटने का अधिकार पुलिस को दिये गये हैं.
बंगाल में बसों में ओवरलोडिंग के मामले
वर्ष मामले
2015 114
2016 151
2017 (मार्च)-56
वर्ष 2015 में ओवरलोडिंग के कारण हादसे :
राज्य सड़क हादसे मृतक
आंध्र प्रदेश 5236 1915
बिहार 1588 893
मध्य प्रदेश 17456 3001
महाराष्ट्र 7672 2516
तमिलनाडु 7040 1267
उत्तर प्रदेश 7809 4409
बंगाल 4271 1893
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