बंगाल में खुले में पशु काटने वालों को जेल, शुभेंदु अधिकारी सरकार का सख्त आदेश

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 14 May 2026 7:21 PM

विज्ञापन

West Bengal Animal Slaughter Rules: पश्चिम बंगाल की नयी सरकार ने पशु वध नियंत्रण अधिनियम के तहत सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं. अब बिना पशु चिकित्सक के स्वस्थ प्रमाणपत्र के वध नहीं होगा. खुले में पशु वध पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है.

विज्ञापन

West Bengal Animal Slaughter Rules: पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पशुओं के संरक्षण और अवैध वध पर अंकुश लगाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है. राज्य सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब बिना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Fit-for-slaughter Certificate) के किसी भी पशु का वध नहीं किया जा सकेगा.

खुले में पशु काटने पर पूर्ण प्रतिबंध

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि खुले और सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर अब ‘पूर्ण प्रतिबंध’ रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों को न केवल भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि उन्हें सलाखों के पीछे भी जाना पड़ सकता है.

बिना प्रमाणपत्र वध करना गंभीर अपराध

बंगाल सरकार के नये दिशा-निर्देश पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950 और कलकत्ता हाईकोर्ट के पुराने आदेशों के आधार पर जारी किये गये हैं. नये नियम में जो बातें कही गयी हैं, वो इस प्रकार हैं.

  • अनिवार्य सर्टिफिकेट : गाय, बैल, बछड़े, भैंस और उनके बच्चों का वध तब तक नहीं हो सकेगा, जब तक कि अधिकृत अधिकारी यह प्रमाणित न कर दे कि जानवर वध के योग्य है.
  • कौन जारी करेगा सर्टिफिकेट : नगरपालिका के अध्यक्ष या पंचायत सभापति को सरकारी पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) के साथ संयुक्त रूप से यह प्रमाणपत्र जारी करना होगा.
  • सजा का प्रावधान : नियमों को तोड़ने पर 6 महीने तक की कैद और 1,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान है. पुलिस ने साफ किया है कि इन अपराधों में बिना वारंट गिरफ्तारी होगी.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में सड़कों पर नमाज और पत्थरबाजी बर्दाश्त नहीं, गौ-तस्करों पर भी शिकंजा कसेगी शुभेंदु सरकार

14 साल से कम उम्र के पशुओं के वध की अनुमति नहीं

सरकार ने पशुओं के वध के लिए उम्र की एक कड़ी सीमा तय कर दी है. केवल उन्हीं पशुओं के वध की अनुमति मिलेगी, जिनकी आयु 14 वर्ष से अधिक हो गयी है. यदि कोई जानवर उम्र से पहले लाइलाज बीमारी, गंभीर चोट या विकृति के कारण स्थायी रूप से अक्षम हो गया है, तो ही विशेष स्थिति में अनुमति दी जायेगी. वध केवल नगरपालिका के अधिकृत बूचड़खाने या प्रशासन द्वारा नामित स्थान पर ही किया जा सकेगा. सड़क या खुले मैदान में वध करना अब गैरकानूनी होगा.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अपील का भी मिलेगा मौका

आदेश में पारदर्शिता का भी ध्यान रखा गया है. यदि कोई अधिकारी प्रमाणपत्र देने से इनकार करता है, तो पीड़ित पक्ष इनकार की सूचना मिलने के 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के पास अपील दायर कर सकता है. प्रशासन पशु की शारीरिक स्थिति का गहन आकलन करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेगा.

West Bengal Animal Slaughter Rules: पुलिस को एक्शन के निर्देश

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना और अमानवीय प्रथाओं को रोकना है. सभी थानों को अपने क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं. सरकार के इस फैसले को राज्य में ‘गौवंश’ और अन्य पशुओं की अवैध तस्करी और वध रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

इसे भी पढ़ें

शुभेंदु अधिकारी ने गौ-तस्करी पर कस दिया शिकंजा, पहली कैबिनेट में लिया बड़ा फैसला

गाय तस्करी का भंडाफोड़! झारखंड के रास्ते बंगाल जा रहे 35 गायों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

शुभेंदु अधिकारी के फैसले से बांग्लादेश में हलचल, भारतीय सीमा पर हाई अलर्ट

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola