Jharsuguda News: बीटीएम मैदान में आयोजित झारसुगुड़ा जिला सांस्कृतिक महोत्सव दुलदुली-2026 की चौथी संध्या उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई. झारसुगुड़ा के अतिरिक्त जिलाधीश (राजस्व) किशोर चंद्र स्वांई की अध्यक्षता में आयोजित इस सांस्कृतिक सम्मेलन में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निर्देशक व परियोजना मुख्य संतोष सीएस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. उसके साथ विशिष्ट अतिथि झारसुगुड़ा ब्लॉक अध्यक्ष चित्रेनी पटेल, ओपीजीसी बनहरपाली के निदेशक (परिचालन) एआर दास और पुनर्वास परियोजना के निदेशक ललित सोरेन शामिल हुए. अंत में दुलदुली समिति के महासचिव प्रमोद कुमार सेनापति ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा.
सड़क सुरक्षा पर जागरुकता कार्यक्रम पेश
चौथी शाम का मुख्य आकर्षण सुबर्णपुर की नटराज कला परिषद का संबलपुरी लोक नृत्य और असम के प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियां थीं. प्रारंभ में हिरमा के मां परुहन देवी लोकनाट्य दल और किरमिरा देवपाल के वीणापाणि कर्मा नाच दल द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किये गये. इसके बाद जगतसिंहपुर के कलाकार, राजस्थान का प्रसिद्ध भाबर और चरी नृत्य और जसपुर के पारंपरिक क्लैड नृत्य ने दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति से परिचित कराया. काकोली हजारिका द्वारा बिहू नृत्य प्रस्तुत किया गया. इसके अतिरिक्त ओड़िया कला जगत की प्रज्ञा खटुआ और शंकर के हास्य कार्यक्रम ने हजारों दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा. इस अवसर पर एक अन्य समूह द्वारा सड़क सुरक्षा पर एक जागरुकता कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया.महज सात यूनिट रक्तसंग्रह होने पर उठ रहे सवाल
हर साल ‘दुलदुली’ उत्सव और जिला स्थापना दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की परंपरा है. परंपरा के अनुसार, रविवार की शाम को ‘दुलदुली’ परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. भारी भीड़ और बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति के बावजूद रात 9:30 बजे तक केवल सात यूनिट रक्त संग्रह किया गया. इतने कम रक्तदान होने पर सवाल उठ रहे हैं. हर साल दुलदुली के दौरान रक्तदान शिविर आयोजित करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के साथ-साथ किसी संस्था को सौंपी जाती थी. इस बार रक्तदान शिविर में कई तरह की त्रुटियां सामने आयीं. शाम 5:30 बजे से रक्तदान शुरू हुआ. स्वयंसेवक राजेश पाढ़ी ने बताया कि रक्तदान शिविर के आयोजन का बैनर ठीक से नहीं लगाया गया था. यंगस्टार चैरिटेबल ट्रस्ट हर साल शिविर के आयोजन की जिम्मेदारी लेता रहा है. इस बार जिला प्रशासन ने सूचना नहीं दी. जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ महेश मोहन पंडा ने बताया कि उन्होंने यंगस्टार चैरिटेबल ट्रस्ट के शिविर आयोजन संबंधी आवेदन को मंजूरी दे दी थी. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ट्रस्ट द्वारा इस दिशा में कोई कदम न उठाने के कारण शिविर में अपेक्षा के अनुरूप रक्तदान नहीं हुआ.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

