शो पीस बनीं 'सोलर जल मीनारें'! DMFT फंड के लाखों रुपये डकार गए अफसर? पश्चिमी सिंहभूम की जनता भड़की

Updated at : 06 Apr 2026 7:49 PM (IST)
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West Singhbhum Water Crisis

महुदी फुल बागान मे डी एम एफ टी फंड से लगा सोलर जल मीनार

West Singhbhum Water Crisis: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है. महुदी और बालीझरण पंचायत में डीएमएफटी फंड से लगाई गई सोलर जल मीनारें पिछले कई महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण प्यास बुझाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. रिपोर्ट में पढ़ें, कैसे करोड़ों के बजट के बाद भी प्यासा है नोवामुंडी का यह इलाका.

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West Singhbhum Water Crisis, पश्चिमी सिंहभूम (सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट): पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत महुदी और बालीझरण पंचायत में गर्मी की शुरुआत होते ही पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. स्थिति ये यह है कि ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) और मुखिया निधि से लाखों रुपये की लागत से लगाए गए सोलर जल मीनार पिछले कई महीनों से कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं. सौर ऊर्जा आधारित इन जल आपूर्ति टावरों के ठप रहने से ग्रामीण दूर-दराज के असुरक्षित जलस्रोतों पर निर्भर रहने को विवश हैं, जिससे न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है बल्कि स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है.

महुदी पंचायत: कागजों पर योजना, धरातल पर सूखा

महुदी पंचायत के फूल बागान, कुम्हार टोली और काली पूजा पंडाल जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सरकारी लापरवाही का आलम चरम पर है. फूल बागान में स्थापित जल मीनार से 22 घरों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन वर्तमान में एक भी बूंद पानी नसीब नहीं हो रहा है. वहीं, काली पूजा पंडाल के पीछे निर्मित योजना तो अपनी शुरुआत का ही इंतजार कर रही है, जहां पाइपलाइन और टावर खड़े होने के बावजूद अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं की जा सकी है. ग्रामीणों का आरोप है कि रख-रखाव के अभाव में करोड़ों की सरकारी संपत्ति बर्बाद हो रही है.

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बालीझरण में भी हालात बदतर, शिकायतों का असर शून्य

यही स्थिति बालीझरण पंचायत के मां मनसा मंदिर टोला की भी है, जहां लगे दो महत्वपूर्ण सोलर जल मीनार लंबे समय से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं. ग्रामीणों ने इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई हैं, परंतु अब तक धरातल पर कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं देखी गई है. प्रशासन की इस संवेदनहीनता के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे व्यवस्था के विरुद्ध लामबंद होने की चेतावनी दे रहे हैं.

मरम्मत की मांग और भविष्य का संकट

भीषण गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही महुदी फूल बागान के निवासियों ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर तत्काल प्रभाव से जल मीनारों की मरम्मत कराने की गुहार लगाई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन योजनाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आगामी महीनों में स्थिति अनियंत्रित हो सकती है. क्षेत्र में जलस्तर गिरने और सरकारी आपूर्ति ठप होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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