10 दिन बाद सुरक्षित लौटा सरायकेला का सूरज! पुरी में दोस्त को ढूंढने की नाकाम कोशिश के बाद घर वापसी

अपने माता-पिता और पुलिस के साथ सूरज सरदार
Saraikela News: सरायकेला के गोपालपुर से लापता 15 वर्षीय सूरज सरदार 10 दिनों के बाद सकुशल घर लौट आया है. पुरी की यात्रा के दौरान दोस्त से बिछड़ने और फिर उसे स्टेशन-दर-स्टेशन ढूंढने की जद्दोजहद के बाद, पैसे खत्म होने पर वह वापस आया. पढ़ें, कैसे एक किशोर ने दोस्ती निभाने के लिए ओडिशा की गलियों में रातें बिताईं.
Saraikela News, सरायकेला, (धीरज कुमार की रिपोर्ट): सरायकेला-खरसावां जिले के सीनी ओपी क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर गांव में रविवार को उस वक्त उत्सव जैसा माहौल हो गया, जब 10 दिनों से लापता 15 वर्षीय सूरज सरदार अचानक अपने घर की दहलीज पर खड़ा मिला. बेटे को जीवित और सुरक्षित देख परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. सूरज की तलाश में दिन-रात एक कर रही सीनी ओपी पुलिस के लिए भी यह बड़ी राहत की खबर थी. ओपी प्रभारी विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम को ओडिशा रवाना किया गया था, जो लगातार तकनीकी और जमीनी स्तर पर सुराग जुटा रही थी.
बिना बताए निकले थे दोस्त, पुरी में शुरू हुआ बिछड़ने का सिलसिला
घटनाक्रम के अनुसार, बीते 26 मार्च को गोपालपुर गांव के दो किशोर रोहित पूर्ति का 13 वर्षीय पुत्र राज पूर्ति और सोनू सरदार का पुत्र सूरज सरदार बिना किसी पूर्व सूचना के सैर-सपाटे के लिए घर से निकल गए थे. बच्चों के अचानक गायब होने से हड़कंप मच गया और परिजनों ने सीनी ओपी में मामला दर्ज कराया. पुलिस की जांच और सुरागों के आधार पर पता चला कि दोनों ओडिशा की ओर निकल गए हैं. इसी बीच 31 मार्च को पुरी से लौटते समय राज पूर्ति एक स्टेशन पर गलती से उतर गया, जिसे रेलवे पुलिस की मदद से सुरक्षित परिजनों तक पहुंचा दिया गया.
Also Read: मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने लौटाई सरकारी गाड़ी, सीएम राहत कोष में जमा कराएंगी वेतन
दोस्ती का फर्ज: स्टेशन-दर-स्टेशन तलाशता रहा सूरज
सूरज की कहानी और भी चुनौतीपूर्ण रही. राज से बिछड़ने के बाद वह घबराया नहीं, बल्कि अपने दोस्त की तलाश में दोबारा पुरी की ओर चला गया. वह रास्ते में पड़ने वाले हर छोटे-बड़े स्टेशन पर उतरकर राज को ढूंढने की कोशिश करता रहा. पुरी पहुंचकर भी उसने काफी खोजबीन की, लेकिन उसे सफलता हाथ नहीं लगी. इस दौरान सूरज के पास मौजूद जमा-पूंजी धीरे-धीरे खत्म हो गई और जब वह पूरी तरह मजबूर हो गया, तो उसने घर लौटने का फैसला किया. रविवार को वह स्वयं अपने गांव पहुंच गया, जिससे पुलिस और प्रशासन ने चैन की सांस ली.
पुलिस की सतर्कता और अभिभावकों के लिए संदेश
सीनी ओपी प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि सूरज पूरी तरह सुरक्षित है और पुलिस ने कानूनी औपचारिकताओं के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है. पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें बिना बताए कहीं भी जाने से रोकें. पुलिस की तत्परता और समय पर की गई जांच ने इस मामले को किसी बड़ी अनहोनी में तब्दील होने से बचा लिया. वर्तमान में बच्चा अपने परिवार के साथ है.
Also Read: असम में हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं, पीएम का कार्यक्रम बताकर टाला गया मामला
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




