मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने लौटाई सरकारी गाड़ी, सीएम राहत कोष में जमा कराएंगी वेतन

Updated at : 06 Apr 2026 7:07 PM (IST)
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Jamshedpur News

जमशेदपुर के मानगो की नवनिर्वाचित मेयर सुधा गुप्ता. फोटो: प्रभात खबर

Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो की मेयर सुधा गुप्ता ने सादगी की मिसाल पेश करते हुए सरकारी गाड़ी लौटाने और अपना मानदेय मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का फैसला लिया. उन्होंने निगम में फिजूलखर्ची खत्म करने, बुके की जगह पौधे देने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट

Jamshedpur News: जमशेदपुर स्थित मानगो नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर सुधा गुप्ता ने पदभार ग्रहण करते ही सादगी और सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है. सोमवार को उन्होंने नगर निगम के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार को पत्र लिखकर अपनी सभी सरकारी सुविधाओं में कटौती करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि वह नगर निगम में सुविधाओं का लाभ लेने नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने आई हैं.

तत्काल प्रभाव से वापस ली जाएं गाड़ी

मेयर सुधा गुप्ता ने अपने पत्र में कहा है कि उनके लिए आवंटित सरकारी गाड़ी को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए. उन्होंने घोषणा की है कि वह जनसेवा का कार्य अपने प्राइवेट गाड़ी से ही करेंगी. इसके अलावा, उन्होंने निगम के कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए गुलदस्ता परिपाटी को खत्म करने को कहा है. अब अतिथियों का स्वागत बुके के बजाय पौधे या किताब देकर किया जाएगा.

मेयर ने मानदेय का किया परित्याग

मेयर पद के लिए मिलने वाले मासिक मानदेय को सुधा गुप्ता ने स्वेच्छा से त्याग दिया है. यह राशि अब मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा होगी. उन्होंने अपने पत्र में कार्यालय के लिए किसी विशेष सजावट या अतिरिक्त फंड के खर्च पर रोक लगाने की बात कही है. उन्होंने सादगीपूर्ण कार्यस्थल की इच्छा जतायी है. उन्होंने कहा है कि टैक्स पेयर्स के पैसे का दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मेयर ने निगम के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भी इसी सेवा भाव के साथ कार्य करें और जनहित को प्राथमिकता दें.

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फिजूलखर्ची की निगम में जगह नहीं: सुधा गुप्ता

उन्होंने कहा कि मैं इस पद पर सेवा भाव से कार्य करने आई हूं न कि सुविधाओं का लाभ लेने के लिए. जनता के पैसे का एक-एक पाई सिर्फ विकास कार्यों में खर्च होना चाहिए. दिखावे और फिजूलखर्ची की निगम में कोई जगह नहीं होगी.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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