असम में हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं, पीएम का कार्यक्रम बताकर टाला गया मामला

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फोन पर बात करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. फोटो: प्रभात खबर

Assam Assembly Election: असम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनावी सभा की अनुमति नहीं मिली. पीएम के कार्यक्रम का हवाला देकर हेलीकॉप्टर उड़ान रोकी गई. इससे पहले कल्पना सोरेन को भी रोका गया था. सीएम ने मोबाइल से संबोधन कर लोकतंत्र दबाने का आरोप लगाया और आदिवासी समाज से एकजुट होकर जवाब देने की अपील की. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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सुनील चौधरी की रिपोर्ट

Assam Assembly Election: असम सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. उन्हें असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा में सभा करना था. पीएम के कार्यक्रम की वजह से उनके हैलीकॉप्टर को उड़ने की इजाजत नहीं दी गयी. इसके ठीक एक दिन पहले कल्पना सोरेन को तीन जगहों पर सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. असम में जब सभा करने नहीं दिया गया तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोबाइल फोन से ही जनता को संबोधित किया.

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सीएम ने सोशल मीडिया किया पोस्ट

सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि असम की वीर और क्रांतिकारी धरती पर लोकतंत्र की आवाज को दबाने की फिर कोशिशें की गयी. कल कल्पना जी को सभा करने से रोका गया, आज मुझे असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा के अपने भाई-बहनों से मिलने नहीं दिया गया.क्या सच में विरोधियों को लगता है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसे षड्यंत्र से वे तीर-धनुष की ताकत को रोक पाएंगे?

असम में आदिवासी समाज को रोकने की कोशिश: हेमंत सोरेन

सीएम ने कहा कि इतने वर्षों तक तो चाय बागान के मेरे लाखों शोषित, वंचित आदिवासी समाज के भाइयों बहनों को रोकने की नाकाम कोशिश की है, और कितना रोक पाओगे?इतिहास गवाह है, जब-जब आवाज दबाई गई है, वह और बुलंद होकर उभरी है. आगामी नौ अप्रैल के दिन मेरे ये लाखों भाई-बहन अपने संघर्ष का हिसाब लेकर रहेंगे.

विरोधियों को चुनाव प्रचार करने से रोकते हैं: हेमंत

सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है.प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया. हमलोगों को जहां है वहीं पर रहने का आदेश दिया गया. पीएम अपने कुर्सी व राजनीतिक ताकत के बदौलत चुनाव के अंतिम चरण में विरोधियों को प्रचार-प्रसार करने से इसी तरह रोकते हैं. ये लोग ऐन-केन प्रकारेण चुनाव जीतने का प्रयास करते हैं. कभी वोट चोरी कर जीतते हैं. झामुमो पहली बार यहां चुनाव लड़ रहा है. जय भारत पार्टी के साथ हैं.

लोकतंत्र की आड़ बंद किया जायेगा: सीएम

क्या लोकतंत्र अब कार्यक्रमों की आड़ में बंद किया जायेगा? और यह सब कैसे हो रहा है? संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर, एजेंसियों को हथियार बनाकर. हमारे पुरखों ने हमें झुकना नहीं, संघर्ष करना सिखाया है. हम लड़ते आए हैं और हर लड़ाई जीतकर ही आगे बढ़े हैं.

अब यह समाज चुप नहीं रहेगा

सीएम ने कहा कि असम का शोषित, वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज अब जाग चुका है. चाय बागान में रहने वाले लोग भी अब आगे बढ़कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. अब यह समाज चुप नहीं रहेगा, अपने अधिकार लेकर ही रहेगा.इसलिए साथियों, हमें एकजुट होना है. हमारी एकजुटता ही विरोधियों के लिए सबसे बड़ा जवाब है, और यही एकजुटता पहले ही इनके डर का कारण बन चुकी है.

250 रुपये में जहर भी नहीं मिलता

सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि चाय बगान को मजदूरों को एक दिन की मजदूरी 250 रुपये मिलती है. इतनी राशि में तो जहर भी नहीं मिलता.राज्य सरकार ने चाय बगान के मजदूरों को न जीने के लिए छोड़ा है और न ही मरने के लिए छोड़ा है.

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नौ अप्रैल को अत्याचार का बदला वोट से देगी जनता

सीएम ने कहा कि याद रखिये, जितना हमें रोकोगे, हम उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमारे तीर-धनुष की ताकत सिर्फ प्रतीक नहीं, यह हमारे आत्मसम्मान और संघर्ष की पहचान है.आगामी नौ अप्रैल को हमारा यह संघर्षी समाज अपने ऊपर वर्षों से हुए शोषण और अत्याचार का बदला वोट की ताकत के साथ लेकर रहेगा.

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