पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी में हाथियों का 'आतंक': दहशत में ग्रामीण और वन विभाग के पास टॉर्च तक नहीं

जंगल में घूमता हाथी
"पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी में इंसानों और हाथियों के बीच संघर्ष का खतरा मंडरा रहा है. महुदी और बोटम बिन प्लांट के आसपास पिछले एक महीने से हाथियों का झुंड लगातार भटक रहा है. ग्रामीण गणेश गोप और कांडे लोहार का कहना है कि वे डर के साये में जीने को मजबूर हैं, जबकि वन विभाग संसाधनों की कमी का रोना रो रहा है. क्या वन विभाग इन गजराजों को सुरक्षित जंगल में वापस भेज पाएगा? देखिए ग्राउंड जीरो से हमारी विशेष रिपोर्ट."
West Singhbhum News, (नोआमुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट): पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित नोवामुंडी, महुदी और बोटम बिन प्लांट के आसपास के जंगलों में पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड लगातार भटक रहा रहा है. इससे पहले पिछले दिन भी हाथियों का झुंड सड़क किनारे आ गया था. इसकी सूचना तुरंत ग्रामीण अजय लागुरी ने वन विभाग को दी थी. जिसके बाद हाथियों को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर मोड़ दिया।
आज दोपहर भी देखा गया हाथियों का झुंड
शनिवार दोपहर एक बार फिर हाथियों का झुंड जंगल के आसपास देखा गया. इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. वन विभाग की टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. विभाग का कहना है कि हाथी अभी तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं और भोजन व पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं.
क्या कहते हैं ग्रामीण
इस संबंध में गांव के ही रहने वाले गणेश गोप ने बताया कि हाथी एक महीने से अधिक समय से गांव के सामने जंगल में घूम रहे हैं. डर के कारण वे रात में सो नहीं पा रहे हैं. हालांकि अभी तक किसी को नुकसान नहीं हुआ है. वहीं, एक अन्य ग्रामीण कांडे लोहार का कहना है कि एक महीने से ज्यादा समय से हाथियों का झुंड आसपास है. लेकिन वन विभाग ने न तो टॉर्च दिया है और न ही हाथी भागने का कोई सामान.
वन विभाग का दावा- स्थिति नियंत्रण में
फॉरेस्टर अमित महतो ने बताया कि हाथियों का झुंड जंगलों में ही घूम रहा है और अब तक किसी ग्रामीण को नुकसान नहीं पहुंचा है. उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में हाथियों की आवाजाही अधिक है, वहां पटाखे वितरण किये गए हैं. हालांकि विभाग के पास टॉर्च उपलब्ध नहीं है.
सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के पास जाने से बचें और सतर्क रहें. विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है, ताकि हाथियों और ग्रामीण दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकें.
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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