West Singhbhum News : केरा पंचायत में पेयजल व सड़क की हालत नाजुक, ग्रामीणों में आक्रोश

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 25 Apr 2025 10:22 PM

विज्ञापन

कुदरसाई गांव में ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा, प्रशासन से फौरी कदम उठाने की अपील

विज्ञापन

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर प्रखंड की केरा पंचायत के कुदरसाई टोला में ग्रामीण मुंडा माटुराम हेंब्रम की अध्यक्षता में जन समस्याओं को लेकर ग्रामसभा का आयोजन किया गया. ग्रामसभा में ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने बताया कि देश आज़ाद हुए 78 साल हो गए, लेकिन आज भी उन्हें पेयजल की सुविधा नहीं मिल रही है. गर्मी के दिनों में लगाए गए सोलर जलमीनार भी अब काम नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को ब्राह्मणी नदी में चुआं खोदकर वहां से निकलने वाले गंदे पानी को पीने के लिए विवश होना पड़ रहा है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी है. मौके पर विजय सिंह सामड भी उपस्थित थे.

राजस्व गांव केरा में पक्की सड़क नहीं

साथ ही बरसात के दिनों में कुदरसाई टोला से राजस्व केरा गांव आने-जाने में काफी समस्याएं आती हैं. पक्की सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अधिक दूरी तय कर केरा गांव जाना पड़ता है. इस समस्या से बच्चों की स्कूल यात्रा भी प्रभावित होती है, क्योंकि कीचड़ से सड़कों का हाल बुरा हो जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में बाधा आती है. ग्रामीणों ने सरकार से कई मांगें कीं, जिसमें गार्डवाल के साथ गांव में पीसीसी सड़क, कलवर्ट पुलिया का निर्माण, पेंशन तथा आवास से वंचित ग्रामीणों को चिन्हित कर लाभ पहुंचाने की अपील की. ग्रामसभा में वार्ड सदस्य मादुई केराई, पूर्णचंद्र मुखी, छोटेलाल महतो, बबलू केराई, तुरी हेंब्रम, अमरजीत केराई, मिंटू बोदरा, छोटे पुरती, सुखदेव बोदरा, पांडु केराई, दुर्गा केराई, अगस्ती केराई, मिंटू बोदरा, पूजा केराई, सुशीला बोदरा, सरिता केराई, गीता गागराई, रतनी केराई, सुमी गागराई, और शुरू पुरती सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे. गर्मी आते ही गांव में जल संकट उत्पन्न हो जाती है. गांव में लगी सोलर जलमीनार भी दम तोड़ चुकी है. विवश होकर ग्रामीण ब्राह्मणी नदी में गड्ढानुमा चुआं खोदकर दूषित पानी पीने को विवश हैं.

— पातु पुरती, ग्रामीण

गांव आने-जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है. बारिश के दिनों में गांव टापू बन जाता है. गांव आने वाली सभी सड़कें कीचड़मय हो जाती हैं. इसे ध्यान में रखते हुए पक्की सड़क की निर्माण की जाए.

— गणेश केराई, ग्रामीण

करोड़ों रुपए खर्च कर सरकार गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछा रही है. लेकिन देश आजाद हुए 78 वर्ष हो गये. उसके बाद भी कुदरसाई गांव में पक्की सड़क तक नहीं है.

— छोटू गोप, ग्रामीण

गांव में पक्की सड़क एवं स्वच्छ पेयजल के लिए संबंधित विभाग को आवेदन दिया गया. उसके बावजूद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका. इससे ग्रामीण नाराज हैं.

— गोविंदा हेंब्रम, ग्रामीण

गांव में पक्की सड़क नहीं होने से बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल जाने से वंचित हो जाते हैं. बच्चों के भविष्य को देखते हुए गांव में यथाशीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए.

— अमरजीत केराई, ग्रामीण

कुदरसाई गांव में 150 से अधिक परिवार रहते हैं. गांव में वर्षों से पक्की सड़क और स्वच्छ पेयजल की मुख्य समस्या है. समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण लगातार संबंधित विभाग को आवेदन दे रहे हैं. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. इससे विवश होकर ग्रामीण दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं. जिससे ग्रामीण बीमार भी पड़ रहे हैं. गांव में पक्की सड़क और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग के पदाधिकारी से मिलकर वार्ता करते हुए समस्याओं का समाधान किया जाएगा.

— विजय सिंह सामाड, प्रखंड अध्यक्ष, कांग्रेसB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ATUL PATHAK

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola