प सिंहभूम की रहस्मयी किताब है 500 साल पुराना बेनीसागर

चाईबासा :जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर मझगांव प्रखंड में पौराणिक कहानियों का सागर ‘बेनीसागर’ अब भी अपने अंदर कई अनसुलझे रहस्य छिपाये हुए है. इसीलिए कहा जाता है कि यह पुरातात्विक स्थल वह रहस्यमयी किताब हैं, जो शोधकर्ताओं, पुरातत्वविदों के साथ ही पर्यटकों को भी बरबस अपनी ओर खींचता है. झारखंड अलग राज्य […]
चाईबासा :जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर मझगांव प्रखंड में पौराणिक कहानियों का सागर ‘बेनीसागर’ अब भी अपने अंदर कई अनसुलझे रहस्य छिपाये हुए है. इसीलिए कहा जाता है कि यह पुरातात्विक स्थल वह रहस्यमयी किताब हैं, जो शोधकर्ताओं, पुरातत्वविदों के साथ ही पर्यटकों को भी बरबस अपनी ओर खींचता है.
झारखंड अलग राज्य बनने के बाद यहां के इतिहास का नये सिरे से अनुसंधान शुरू हुआ है, ताकि अपनी सभ्यता-संस्कृति को सहेजने के साथ ही अगली पीढ़ी को इसकी धरोहर सौंपी जा सके. इसके तहत भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग की ओर सेे बेनीसागर का लगातार अध्ययन जारी है.
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