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सरायकेला में नेत्र चिकित्सक को नगर पंचायत अध्यक्ष ने लगाई फटकार, इलाज के मांग रहे थे पैसे

Updated at : 06 Mar 2026 9:34 AM (IST)
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Saraikela News

सरायकेला के नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की फटकार सुनने के बाद हाथ जोड़ते नेत्र चिकित्सक डॉ पीएम बाड़ा. फोटो: प्रभात खबर

Saraikela News: सरायकेला सदर अस्पताल में नेत्र चिकित्सक पर मरीज से इलाज के लिए 15 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है. सूचना मिलने पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को फटकार लगाई. अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच कर लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की बात कही है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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सरायकेला से प्रताप मिश्रा और धीरज कुमार की रिपोर्ट

Saraikela News: झारखंड के सरायकेला सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर मरीज से पैसे मांगने का मामला सामने आने के बाद गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ. सूचना मिलने पर सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी स्वयं अस्पताल पहुंचे और नेत्र चिकित्सक डॉ पीएम बाड़ा को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले की जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

मरीज से इलाज के लिए मांगे गये 15 हजार रुपये

जानकारी के अनुसार खरसावां प्रखंड के रामपुर निवासी अरुण महतो मैजिक वाहन में काम करते हैं. काम के दौरान किसी कारणवश उनकी आंख में गंभीर चोट लग गई. इसके बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए सरायकेला सदर अस्पताल लाया. परिजनों का आरोप है कि नेत्र चिकित्सक डॉ पीएम बाड़ा ने मरीज की जांच करने के बाद कहा कि इस तरह की चोट का इलाज सरायकेला में संभव नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर मरीज 15 हजार रुपये दे तो वह उसका इलाज कर सकते हैं. मरीज के परिजनों को डॉक्टर की यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी को दी.

सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष

मामले की जानकारी मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी गुरुवार को सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले मरीज और उसके परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने नेत्र चिकित्सक से सीधे इस विषय में पूछताछ की. बताया जाता है कि बातचीत के दौरान डॉक्टर के मुंह से शराब की गंध भी आ रही थी. इस पर अध्यक्ष ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए अपने कर्तव्य का बोध कराया और सरकारी अस्पताल में इस तरह के व्यवहार को अस्वीकार्य बताया.

डॉक्टर पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप

नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि जब उन्होंने डॉक्टर से इस मामले में बात करनी चाही तो डॉक्टर ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे मांगना बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

अस्पताल प्रबंधन से की कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल प्रसाद चौधरी से भी मुलाकात की. उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस दौरान झामुमो जिला उपाध्यक्ष भोला महंती, प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेम्ब्रम, पार्षद अविनाश कवि सहित अन्य लोग भी मौजूद थे. सभी ने इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों से पैसे मांगना बिल्कुल गलत है.

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जांच के बाद होगी कार्रवाई

वहीं, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल प्रसाद चौधरी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो नियमों के अनुसार डॉक्टर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि मरीजों को बेहतर और पारदर्शी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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