पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला- एसआईआर में जिन लोगों के नाम कट गये, उनको नहीं मिलेगा राशन

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 06 Jun 2026 4:43 PM

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West Bengal Ration Card Cancellation: खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से एसआईआर के बाद हटा दिये गये हैं, उनका डिजिटल राशन कार्ड (डीआरसी) अब राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) डेटाबेस से हटा दिया जायेगा.

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West Bengal Ration Card Cancellation: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम पूरा हो चुका है. राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने कहा है कि जिन लोगों के नाम एसआईआर में कट गये, उन लोगों को अब राशन नहीं मिलेगा. खाद्य और आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड उपभोक्ताओं की सूची में एसआईआर के आधार पर संशोधन करने का फैसला किया है.

15 जून तक राशन कार्ड की जांच पूरी करने के आदेश

एसआईआर में जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिये गये, उनके राशन कार्ड को फर्जी मानते हुए उसे रद्द कर दिया जायेगा. इसके लिए शुभेंदु अधिकारी सरकार ने विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है. सरकार ने एसआईआर के आधार पर 15 जून तक राशन कार्डों की जांच प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश प्रशासन को दिया है.

आरसीएमएस डेटाबेस से हटा दिया जायेगा नाम

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से एसआईआर के बाद हटा दिये गये हैं, उनका डिजिटल राशन कार्ड (डीआरसी) अब राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) डेटाबेस से हटा दिया जायेगा.

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सीएए याचिकाकर्ताओं और अपील करनेवालों को राहत

जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही मतदाता सूची से अपना नाम हटाने के खिलाफ एसआईआर ट्रिब्यूनल में अपील की है या नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत आवेदन कर रखा है, उनका राशन कार्ड अभी रद्द नहीं होगा. अपील के अंतिम निपटान तक, उनके राशन कार्ड सक्रिय रहेंगे.

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West Bengal Ration Card Cancellation: डीडीआर हर दिन डीएम को देंगे रिपोर्ट

खाद्य और आपूर्ति विभाग के विशेष सचिव (आइटी एंड आर) द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि इस मेगा अभियान की प्रगति की निगरानी जिला खाद्य नियंत्रक (डीसीएफएस/डीडीआर) द्वारा प्रतिदिन की जायेगी. वे जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और निदेशालय को दैनिक रिपोर्ट भेजेंगे.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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