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Rath Yatra 2024|खरसावां में ऐसा होगा प्रभु जगन्नाथ का रथ, रथ यात्रा पर खर्च होंगे 18 लाख रुपए

Updated at : 15 May 2024 3:48 PM (IST)
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झारखंड के खरसावां में भव्य रथ यात्रा की हो रही तैयारी. प्रभात खबर

Rath Yatra 2024 के भव्य आयोजन की खरसावां में तैयारी चल रही है. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए भव्य रथ तैयार होगा. ओडिशा से कारीगर आएंगे. ऐसा होगा रथ.

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Rath Yatra 2024|खरसावां, शचिंद्र कुमार दाश : झारखंड का खरसावां में ओडिशा के जगन्नाथपुरी की तरह हर साल भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलती है. इस बार भी भव्य वार्षिक रथ यात्रा निकालने की तैयारी है. बारीपदा की तर्ज पर विशेष रूप से बने रथ पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ, भैया बलभद्र और बहन सुभद्रा केसाथ मौसीबाड़ी (गुंडिचा मंदिर) पहुंचेंगे.

Rath Yatra 2024|खरसावां के राजबाड़ी में हुई विशेष पूजा-अर्चना

रथ निर्माण के लिए बुधवार (10 अप्रैल) को खरसावां के राजबाड़ी परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की गयी. राजपुरोहित अंबजाख्यो आचार्य व मंदिर के पुजारी राजाराम सत्पथी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यहां विधिवत पूजा-अर्चना की. इस दौरान हवन भी किया गया. राकेश दाश, नंदु पांडेय, रुपेश नंदा, नयन नायक, वैद्यनाथ नायक, राकेश विषेय, राधेश्याम, गोबर्धन राउत, राजेश मिश्रा, अमित केशरी, उमेश बोदरा, रिलु पाणी, रंजीत मिश्रा, श्यामी माहपात्र, वैद्यनाथ मालाकार, दिलीप पात्र इस अवसर पर मौजूद थे.

एक माह में बन तक तैयार हो जायेगा भव्य रथ

खरसावां में ओड़िशा के बारीपदा की तर्ज पर प्रभु जगन्नाथ का रथ बनेगा. इसके लिए पिछले वित्तीय वर्ष में ही सरकार से 18 लाख रुपए का आवंटन हो चुका है. ओडिशा के बारीपदा से कारीगर आएंगे और यहां रथ का निर्माण करेंगे. अगले एक माह में रथ का निर्माण पूरा कर लेने का लक्ष्य है.

ऐसा होगा भगवान जगन्नाथ का रथ

बताया गया है कि बारीपदा के प्रभात महाराणा की टीम रथ का निर्माण करेगी. जानकारी के अनुसार, ध्वज समेत 9 पहिये वाले रथ की ऊंचाई करीब 30 फीट होगी. इसकी चौड़ाई 12 फीट व लंबाई 14 फीट होगी. रथ को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तौर पर इसका रंग-रोगन किया जाएगा. रथ के सामने लकड़ी का घोड़ा व सारथी भी बनाया जाएगा.

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ढाई सौ वर्ष पुरानी है खरसावां की रथ यात्रा

खरसावां में प्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा करीब ढाई सौ वर्ष पुरानी है. यहां पुरी की तर्ज पर पूरे विधि-विधान के साथ रथ यात्रा का आयोजन होता है. आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया तिथि को प्रभु जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार हो कर मौसीबाड़ी जाते हैं.

राज्य सरकार उठाती है रथ यात्रा का खर्च

स्थानीय लोगों के अनुसार, 17वीं सदी के अंतिम वर्षों में खरसावां में रथ यात्रा की शुरुआत हुई थी. रियासत काल में रथ यात्रा में होने वाले सभी खर्च राजपरिवार उठाता था. वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद तमाम देशी रियासतों के भारत गणराज्य में विलय के बाद से ही रथ यात्रा के आयोजन पर होने वाला सारा खर्च राज्य सरकार उठाती है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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