बिहार में ऐसे वाहन मालिक हो जाएं सावधान, शुरू होगा राज्यव्यापी अभियान, एक्शन की तैयारी

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Jun 2026 2:56 PM

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सांकेतिक फोटो

Bihar: बिहार में प्रेशर हॉर्न और मल्टी ट्यून्ड हॉर्न के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. ऐसे हॉर्न लगाने वाले वाहन मालिकों के साथ इन्हें बेचने वाले दुकानदारों पर भी कार्रवाई होगी. सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाकर वाहनों की जांच, हॉर्न जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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Bihar: बिहार सरकार अब वाहनों में अवैध रूप से प्रेशर और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न लगाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी में है. ऐसे हॉर्न बजाने वाले गाड़ी मालिकों के साथ-साथ इन्हें बेचने वाले दुकानदारों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

परिवहन विभाग ने इसके लिए पूरे राज्य में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाने का फैसला किया है. इस अभियान के तहत उन दुकानों और शोरूमों पर भी छापे मारे जाएंगे जो इस तरह के हॉर्न बेचते हैं, और वहां से इन हॉर्नों को जब्त कर लिया जाएगा.

परिवहन सचिव राज कुमार ने निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर अवैध हॉर्न बजाकर शोर मचाने वाली गाड़ियों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाकर उन पर शिकंजा कसा जाए.

कानून तोड़ने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना

तय मानक से ज्यादा तेज आवाज करने वाले प्रेशर हॉर्न या मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न का इस्तेमाल करना मोटर वाहन कानून (मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2)) के तहत एक दंडनीय अपराध है. इस स्पेशल चेकिंग अभियान के दौरान सभी जिलों में आम गाड़ियों के साथ-साथ स्कूली बसों और वाहनों की भी बारीकी से जांच होगी. अगर किसी भी गाड़ी में प्रेशर हॉर्न या तेज आवाज वाला मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न लगा हुआ मिला, तो गाड़ी मालिक के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त एक्शन लिया जाएगा.

सभी जिलों के अधिकारियों और नगर निगम को निर्देश जारी

राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ अहसन ने इस विशेष अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) को कड़े निर्देश भेज दिए हैं. इसके साथ ही, सभी शहरों के नगर आयुक्तों को भी चिट्ठी लिखी गई है, जिसमें साफ कहा गया है कि नगर निगम की गाड़ियों (जैसे कचरा उठाने वाली या अन्य गाड़ियां) में अगर ऐसे प्रेशर हॉर्न लगे हैं, तो उन्हें तुरंत हटाया जाए.

हॉर्न बेचने वाली दुकानों पर भी होगी छापेमारी

परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे फ्लाइंग स्क्वाड (धावा दल) बनाकर उन दुकानों और बाजारों में छापेमारी करें जहां ये प्रेशर और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न बेचे जाते हैं. इन जगहों से अवैध हॉर्नों को जब्त किया जाएगा और दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इसकी बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके.

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ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

ये तेज आवाज वाले हॉर्न न सिर्फ कानों को नुकसान पहुंचाते हैं और ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक हैं. अचानक तेज हॉर्न बजने से राहगीर या दूसरे चालक घबरा जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. खासकर अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों और भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में इन हॉर्नों की वजह से मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है.

परिवहन सचिव ने सभी गाड़ी मालिकों और ड्राइवरों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों में प्रेशर या मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न बिल्कुल न लगाएं. उन्होंने लोगों से सड़क पर सुरक्षित, शांत और कानून के दायरे में रहकर गाड़ी चलाने और इस व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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