यूपी की तर्ज पर बंगाल पुलिस में बदलाव की तैयारी, 1 लाख नयी नियुक्तियां, NIA की तर्ज पर SIA के गठन का ऐलान

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल.

पश्चिम बंगाल सरकार कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाने जा रही है. राज्य में 57 हजार पुलिसकर्मियों के रिक्त पदों को भरने की योजना है. 1 लाख नयी नियुक्तियां भी की जायेंगी. NIA की तर्ज पर SIA फोर्स का गठन होगा.

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कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत और अत्याधुनिक बनाने पर जोर दिया है. मंगलवार को कोलकाता के भवानी भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी और चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार अग्रवाल ने आपराधिक गतिविधियों एवं भ्रष्टाचार की सूचना देने के लिए 4 नये टोल फ्री नंबर जारी किये. कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर भी उपस्थित थे.

सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर

  • कट मनी की सूचना देने के लिए 155334
  • अवैध शराब बिक्री की जानकारी के लिए 155339
  • सिंडिकेट की सूचना देने के लिए 155335
  • अनैतिक रोड टैक्स की जानकारी देने के लिए 155337
  • राज्य के लोगों के लिए 18003540166/167/168/169 नंबर भी शुरू

पुलिस की खोयी गरिमा लौटायेंगे : शुभेंदु अधिकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्य पुलिस की खोयी हुई गरिमा और कोलकाता पुलिस के पुराने गौरव को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने 2 दिन तक उत्तर बंगाल और कोलकाता में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को और उन्नत बनाने पर विस्तृत चर्चा की है.

बंगाल में 57 हजार पुलिसकर्मियों के पद रिक्त

इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए अब पश्चिम बंगाल सरकार ने उत्तर प्रदेश के मॉडल का अनुसरण करने का निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश में एक लाख की आबादी पर 200 पुलिसकर्मी हैं. उसी तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी एक लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की योजना है. वर्तमान में पुलिस विभाग में 57 हजार पद रिक्त हैं. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि जिन कांस्टेबलों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, उन्हें दुर्गा पूजा से पहले ही ड्यूटी पर तैनात कर दिया जायेगा.

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NIA की तर्ज पर राज्य में SIA फोर्स का होगा गठन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तर्ज पर राज्य में एसआईए के गठन की भी योजना है. महिला सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला कांस्टेबलों को उनके गृह जिलों में और पुरुष अधिकारियों को उनके पड़ोसी जिलों में ही तैनात करने का निर्देश दिया गया है.

552 थानों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव

राज्य के कुल 552 थानों में बुनियादी ढांचे की कमी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश थानों में पर्याप्त इमारतें, बैरक और जिम जैसी सुविधाएं नहीं हैं. केंद्र सरकार की मदद से इन सभी पुलिस थानों के बुनियादी ढांचे का विकास किया जायेगा. अंत में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस बल का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जायेगा. उनकी गरिमा का पूरा ख्याल रखा जायेगा.

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कानून व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर

पुलिस बल की कार्यप्रणाली और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने कई अन्य घोषणाएं भी की हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की प्राथमिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त धन का आवंटन किया गया है. कानून-व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और अपराधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए थानों में सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के लिए बॉडी कैमरा जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.

पुलिस वाहन की स्थिति पर सीएम ने जतायी चिंता

पुलिस वाहनों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि गाड़ियां 15 साल पुरानी हो चुकी हैं. उनका बीमा खत्म हो गया है. इससे दुर्घटना की स्थिति में बीमा का लाभ नहीं मिल पाता. इस समस्या के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से नयी गाड़ियों को बेड़े में शामिल किया जा रहा है.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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