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छह वर्षों से अधर में लटकी शहरी पेयजलापूर्ति की योजना

Updated at : 16 Jan 2025 8:28 PM (IST)
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छह वर्षों से अधर में लटकी शहरी पेयजलापूर्ति की योजना

एजेंसी ने युद्ध स्तर पर काम नहीं किया, तो 2025 में भी सप्लाइ कर पाना रहेगी चुनौती

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राजमहल. विगत छह वर्षों से शहरवासियों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने की योजना अधर में लटकी है. 30.16 करोड़ रुपये की लागत से शहरी जलापूर्ति की योजना 2018 में शुरू हुई थी, जिससे 2022 में हाउस कनेक्शन के साथ राजमहल वासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया करना था. लेकिन 2025 का जनवरी माह चल रहा है और कार्य अधर में लटकी हुई है. नगर विकास विभाग की जुडको के माध्यम से उर्मिला आरसीपी कंस्ट्रक्शन एजेंसी के माध्यम से योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है. लेकिन योजना क्रियान्वयन में एजेंसी द्वारा समय अवधि का ख्याल नहीं रखा गया है, जिस कारण छह वर्ष बाद भी योजना पूर्ण नहीं हो सकी है. जानकारों की मानें, तो कार्य को पूर्ण होने से लेकर घर-घर कनेक्शन तक में अब भी सात से आठ महीने का काम बाकी है. अगर एजेंसी युद्ध स्तर पर कार्य करती है तो 2025 में लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सकता है अन्यथा 2025 में भी पेयजलापूर्ति कर पाना चुनौती साबित हो सकता है. मात्र 123 घरों में है पेयजल कनेक्शन : शहर के वार्ड संख्या-1 से 14 तक में वर्तमान में मात्र 123 घरों में ही पेयजल का कनेक्शन है. इसके अलावा 50 सार्वजनिक पॉइंट बनाए गए हैं. नगर पंचायत कार्यालय की ओर से जानकारी दी गयी थी कि वर्तमान में संचालित पेयजलापूर्ति की योजना पूर्ण होते ही सभी वार्ड के सभी घरों में पेयजल का कनेक्शन किया जाएगा. इसके लिए वर्तमान में कनेक्शन नहीं किया गया है. कहती हैं नपं प्रशासक : जुडको की एजेंसी उर्मिला आरसीपी कंस्ट्रक्शन के माध्यम से शहरी पेयजल आपूर्ति योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है. कार्य में विलंब होने से संबंधित जानकारी नगर विकास विभाग रांची को दी गयी है. – स्मिता किरण, प्रशासक, नपं राजमहल.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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