समय पर नहीं खुलते क्षेत्र के स्कूल

Updated at : 29 Aug 2017 2:00 AM (IST)
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समय पर नहीं खुलते क्षेत्र के स्कूल

बदहाली . लाख प्रयास के बावजूद शिक्षा व्यवस्था बेपटरी सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है. आज भी सुदूरवर्ती क्षेत्रों में नियमित विद्यालय नहीं खुलते हैं. इस कारण बच्चों के पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है. बोरियो : एक तरफ सरकार बच्चों का भविष्य संवारने […]

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बदहाली . लाख प्रयास के बावजूद शिक्षा व्यवस्था बेपटरी

सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है. आज भी सुदूरवर्ती क्षेत्रों में नियमित विद्यालय नहीं खुलते हैं. इस कारण बच्चों के पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है.
बोरियो : एक तरफ सरकार बच्चों का भविष्य संवारने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है. बावजूद शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है. साथ ही आलम है कि जहां दो से अधिक शिक्षक है वहां बच्चे नहीं हैं और जहां बच्चे हैं वहां शिक्षक नहीं. सरकार ने विद्यालय से बच्चों को जोड़ने के लिए कई तरह की योजनाएं चलायी है, लेकिन सुदूरवर्ती क्षेत्रों में तमाम योजनाएं दम तोड़ती नजर आती है. प्रतिदिन गुरुजी स्कूल नहीं पहुंचते हैं और स्कूल भी समय से नहीं खुलता है.
रोज नहीं आते गुरुजी, कैसे होगी पढ़ाई
केस स्टडी वन
बांझी संथाली पंचायत क्षेत्र में संचालित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारीकांदर में तीन शिक्षक कार्यरत हैं. विद्यालय में लगभग वर्ग प्रथम से अष्टम तक में लगभग 50 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन सोमवार की सुबह 10:07 बजे विद्यालय में नामांकित सभी बच्चे अनुपस्थित थे. पूछने पर पता चला कि विद्यालय के प्रधान शिक्षक मोहन दास तीन दिन की छुट्टी में हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों पर पूछने पर उक्त प्रधान शिक्षक के छुट्टी लेने की पुष्टि नहीं हो पायी. साथ ही सभी नामांकित बच्चे समीप के मिशन स्कूल पर जाते हैं.
क्या कहते हैं डीसी
किसी भी सूरत में विद्यालय बंद नहीं रखना है. बावजूद विभागीय अधिकारी निर्देशों का अवहेलना करते हैं तो मामले की जांच करायी जायेगी. जांच में दोषी अधिकारी व शिक्षकों पर कार्रवाई की जायेगी.
डॉ शैलेश चौरसिया, डीसी, साहिबगंज
क्या कहते हैं डीएसइ
अगर बच्चे के भविष्य के साथ शिक्षक खिलवाड़ करते हैं तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
जयगोविंद सिंह, डीएसई, साहिबगंज
केस स्टडी तीन
समय 10:40 बजे उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दलदली बंद पाया गया. लेकिन सूचना पट्ट पर विद्यालय बंद होने से संबंधित किसी प्रकार की सूची दर्ज नहीं थी. ग्रामीणों से पूछताछ पर पता चला कि उक्त विद्यालय में कार्यरत शिक्षक लंबे समय से विद्यालय नहीं आये है. बीआरसी कर्मियों ने बताया कि दलदली विद्यालय के प्रधान शिक्षक बीआरसी में चल रहे सात दिवसीय बुनियाद प्लस प्रशिक्षण में शामिल है.
केस स्टडी टू
10:27 बजे उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारीकांदर से महज दो किमी दूर स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय चटकी बंद पाया गया. विद्यालय के सूचना पट्ट पर प्रधान शिक्षक सुखदेव बास्की ने सात दिवसीय प्रशिक्षण में शामिल होने की सूचना दर्ज की थी. जानकारी के मुताबिक उक्त विद्यालय में लगभग 30 छात्र नामांकित हैं. विभागीय अधिकारी उक्त विद्यालय में दूसरे शिक्षक को प्रतिनियुक्त किये बगैर ही प्रधान शिक्षक सुखदेव बास्की को प्रशिक्षण में शामिल होने का निर्देश दे दिया. साफतौर पर बच्चे के भविष्य की चिंता विभागीय अधिकारियों को नहीं है.
कहते हैं बीडीओ
शिक्षकों को अन्य कार्यों में लगाने के पूर्व विभाग को संबंधित विद्यालय के नियमित संचालन के लिये वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए ताकि नियमित विद्यालय का संचालन हो और बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके. मामले में डीसी को अवगत कराया जायेगा.
आशीष मंडल, बीडीओ, बोरियो
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