रांची के निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का 'ब्रेक', फीस वृद्धि की सीमा तय, कल सभी प्राचार्यों की 'क्लास'

Published by : Sameer Oraon Updated At : 12 Apr 2026 5:50 PM

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निजी स्कूलों के प्रचार्यों के साथ रांची जिला प्रशासन की बैठक कल

Ranchi Private School Meeting: रांची में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि और RTE नामांकन को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में है. 13 अप्रैल को आर्यभट्ट हॉल में होने वाली बैठक में सभी प्राचार्यों को फीस समिति के नियमों और 10% की लिमिट की जानकारी दी जाएगी. शिकायतों के लिए ग्रिवांस रिड्रेसल सेल को और भी प्रभावी बनाया जा रहा है. पढ़ें गरीब बच्चों की पढ़ाई के हित में क्या कदम उठाने जा रहा है.

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Ranchi Private School Meeting, रांची : रांची जिला प्रशासन ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ निजी विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है. प्रशासन सोमवार, 13 अप्रैल को दोपहर 01:00 बजे से रांची विश्वविद्यालय स्थित आर्यभट्ट हॉल, मोरहाबादी में सभी निजी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है. जिला प्रशासन ने इस बैठक में सभी प्राचार्यों की उपस्थिति को अनिवार्य बताया है.

फीस वृद्धि पर 10% की ‘लक्ष्मण रेखा’

बैठक का एक मुख्य उद्देश्य जिलास्तर पर गठित शुल्क समिति की कार्यप्रणाली से स्कूलों को अवगत कराना है. प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निजी विद्यालय अपनी फीस में अधिकतम 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि नहीं कर सकते. पारदर्शी फीस संरचना लागू करने और मनमानी बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए हाल ही में जारी दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा होगी.

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RTE के तहत 25% नामांकन अनिवार्य

शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (RTE) के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है. बैठक में प्री-प्राइमरी से कक्षा-1 तक की नामांकन प्रक्रिया में विद्यालयों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी, ताकि समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके.

शिकायतों के लिए ग्रिवांस रिड्रेसल सेल

निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए गठित ग्रिवांस रिड्रेसल सेल (Grievance Redressal Cell) की भूमिका पर विशेष जोर दिया जाएगा. प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यदि किसी अभिभावक को फीस या नामांकन संबंधी कोई समस्या है, तो उसका समाधान एक प्रभावी तंत्र के जरिए हो सके.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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