इंदिरा गांधी को याद करने वाले बिना शर्त 93000 पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई भूल गये! कांग्रेस पर प्रतुल शाहदेव का पलटवार

झारखंड भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव.
Operation Sindoor: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जब पूरा राष्ट्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनी सेना के साथ खड़ा है, उस समय भी कांग्रेस दोहरी राजनीति कर रही है. प्रतुल ने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी देश के साथ और सरकार के हर कदम के साथ चलने का दंभ भर रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत लगातार मोदी सरकार की मंशा और भारतीय सैन्य क्षमता पर प्रश्न खड़े करते हुए देश का अपमान कर रहे हैं.
Operation Sindoor: पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोके जाने पर कांग्रेस की आलोचना झेल रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और नरेंद्र मोदी की सरकार का झारखंड प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बचाव किया है. कांग्रेस पार्टी पर पलटवार करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि कांग्रेस अपना दोहरा राजनीतिक चरित्र दिखाना बंद करे. उन्होंने इंदिरा गांधी को याद करने वालों को इमरजेंसी (आपातकाल) और 1971 के युद्ध में बंदी बनाये गये 93000 पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई की भी याद दिलायी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के साथ होने की बात करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी के अन्य नेता देश की सेना की क्षमता पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
भारतीय सैन्य क्षमता पर प्रश्न करके देश का अपमान कर रही कांग्रेस – प्रतुल
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जब पूरा राष्ट्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनी सेना के साथ खड़ा है, उस समय भी कांग्रेस दोहरी राजनीति कर रही है. प्रतुल ने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी देश के साथ और सरकार के हर कदम के साथ चलने का दंभ भर रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत लगातार मोदी सरकार की मंशा और भारतीय सैन्य क्षमता पर प्रश्न खड़े करते हुए देश का अपमान कर रहे हैं.
‘किसी की मध्यस्थता में ब्रेक नहीं हुआ ऑपरेशन सिंदूर’
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल जो ऑपरेशन ब्रेक हुआ है, उसमें किसी दूसरे राष्ट्र की मध्यस्थता नहीं है. फिर भी कांग्रेस का एक बड़ा तबका बार-बार भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. प्रतुल ने कहा कि कांग्रेस के नेता स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद कर रहे हैं कि उन्होंने 1971 में पाकिस्तान का बंटवारा कर दिया था. प्रतुल ने कहा कि यही नेता इस बात को भूल जाते हैं कि 1972 के शिमला समझौते के तहत बांग्लादेश में सरेंडर करने वाले 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को बिना शर्त पाकिस्तान को लौटा दिया था. हालांकि, उस समय बदले में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को वापस लेने का उपयुक्त समय था.
इसे भी पढ़ें : झारखंड के गांव और शहर में बढ़ रही प्रति व्यक्ति खर्च की खाई, सबसे गरीब लोग कितना करते हैं खर्च?
‘देश को याद है इमरजेंसी और न्यायपालिका पर कुठाराघात’
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि देश को इंदिरा गांधी को इमरजेंसी और 42वें संशोधन के जरिये संविधान को बदलने की कोशिश और न्यायपालिका पर कुठाराघात भी याद है. इंदिरा गांधी जी की हत्या के बाद सिखों का नरसंहार भी लोग नहीं भूले हैं. प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह समय है, जब पूरे देश को एक स्वर में बोलना चाहिए. कांग्रेसी नेताओं के बयानों पर पाकिस्तानी मीडिया और पाकिस्तान के नेशनल असेंबली में चर्चा हो रही है. वहां कहा जा रहा है कि भारत भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मुद्दे पर एक नहीं है, जो की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
झारखंड सरकार बताये- कितने पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि विदेश मंत्रालय के निर्देश के अनुसार पाकिस्तानी वीजा पर ओवर स्टे करने वाले कितने पाकिस्तानी नागरिकों को चिह्नित किया और कितने लोगों को बाहर निकाला. प्रतुल ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि झारखंड सरकार इस मुद्दे पर बहुत गंभीर नहीं है. राज्य सरकार को समझना चाहिए कि देश सर्वोपरि है. इसलिए झारखंड सरकार अविलंब अवैध तरीके से रह रहे इन पाकिस्तानी नागरिकों को झारखंड से बाहर निकाले.
इसे भी पढ़ें
LPG Price Today: आज आपको 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर कितने में मिलेगा, यहां चेक करें
दूध-फल पर ज्यादा खर्च करते हैं झारखंड के शहरी, ग्रामीण अंडा-मछली और मांस पर
Good News: झारखंड के गांवों को चमका देंगी ये योजनाएं, नक्सल प्रभावित 14 जिलों के लिए विशेष कार्यक्रम
सिरमटोली फ्लाईओवर का निर्माण रोकें, सरकार से बोलीं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




