ePaper

ट्रेड एक्ट 122 और 301 का प्रयोग करके ट्रंप लगाएंगे टैरिफ, जानिए अमेरिका में क्या हैं ये विशेष कानून

Updated at : 21 Feb 2026 2:38 PM (IST)
विज्ञापन
Donald Trump on Sc ruling

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Trump Tariffs : अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा लिए गए फैसले को पहले भी रद्द किया है, लेकिन ट्रंप के टैरिफ को निरस्त करना बहुत बड़ा मामला बन गया है, क्योंकि इसका असर पूरे विश्व पर था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा है कि वे ट्रेड एक्ट 122 और 301 का प्रयोग करके टैरिफ लगाएंगे, आइए समझते हैं क्या हैं वे ट्रेड एक्ट, जिनके जरिए अपने इगो को बूस्ट करना चाहते हैं राष्ट्रपति ट्रंप.

विज्ञापन

Trump Tariffs : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को रद्द कर दिया है. कोर्ट का यह फैसला ट्रंप के लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत ट्रेड टैरिफ लगाए गए थे और उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास इस इमरजेंसी अधिकार के तहत इतने व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, यह काम सिर्फ वहां की कांग्रेस कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सवाल यह है कि ट्रंप ने जिन देशों पर तगड़े टैरिफ लगाए थे, क्या उनका पैसा वापस होगा? साथ ही यह भी बड़ा सवाल है कि अब ट्रंप का रुख कैसा होगा?

ट्रंप का रुख अब भी है अड़ियल, क्या करेंगे आगे?

सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को तो रद्द कर दिया है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब भी अपने अड़ियल रुख पर कायम हैं. उन्होंने यह कहा कि वे अब अपने उन अधिकारों का प्रयोग करेंगे जिनका प्रयोग अबतक अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने बहुत कम ही किया है. न्यूयार्क टाइम्स में छपी खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट  में मिली हार के बाद ट्रंप एक तरह से बौखला गए हैं और उन रास्तों को तलाश रहे हैं जिनके जरिए वे ट्रेड टैरिफ को दोबारा लगा सके. ट्रंप ने कोर्ट के फैसले को अपने इगो पर ले लिया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे  झुके नहीं हैं वे फेडरल कानूनों के जरिए टैरिफ को फिर वापस लेकर आएंगे. ट्रंप ने कहा कि वे सेक्शन 122 और 301 का प्रयोग करके टैरिफ को फिर से वापस लाएंगे.

क्या है सेक्शन 122 और 301 जिनके जरिए ट्रंप टैरिफ की वापसी कराएंगे?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने कहा है कि वे ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122, 301 और 232 का प्रयोग करके ट्रैरिफ को फिर से लेकर आएंगे. इन तीनों सेक्शन में 122 एक ऐसा सेक्शन है, जिसका अबतक किसी राष्ट्रपति ने प्रयोग नहीं किया है और यह सेक्शन ट्रंप को अविलंब 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की इजाजत देता है. ये तीनों ट्रेड एक्ट अमेरिकी राष्ट्रपति को इमरजेंसी में या कहें कि विशेष परिस्थिति में टैरिफ लगाने की इजाजत देता है.  सेक्शन 232 के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति उन सामानों पर टैरिफ लगा सकता है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हों. सेक्शन 301 के तहत इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी या टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे ट्रेड पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है. सेक्शन 122 के तहत ट्रंप 10 प्रतिशत टैरिफ तो अविलंब लगा देंगे, जो 24 फरवरी से लागू भी हो जाएगा, लेकिन यह टैरिफ 150 दिनों तक चलेगा उससे आगे के लिए कांग्रेस की अनुमति लगेगी.

सेक्शन के बारे मेंसेक्शन 122सेक्शन 301
प्रकृतिअस्थायीदीर्घकालिक
लक्ष्यव्यापक, वैश्विक आर्थिक संतुलनदेश-विशेष या प्रैक्टिस-विशेष
अवधिअधिकतम 150 दिन (कांग्रेस की अनुमति से बढ़ सकती है अवधि)लंबी अवधि संभव
प्रक्रियाराष्ट्रपति सीधे लागू कर सकते हैंजांच और प्रक्रिया के बाद लागू
सेक्शन 122 और 301 में फर्क

विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें

क्या तगड़े टैरिफ का पैसा वापस करेंगे ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिन देशों पर तगड़े टैरिफ लगाए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वह टैरिफ तो रद्द हो गए, लेकिन अब सवाल यह है कि इतने दिनों तक जो टैरिफ वसूला गया क्या उसकी वापसी होगी? इस सवाल का जवाब यह है–यह बहुत मुश्किल होगा. असल में कोर्ट ने टैरिफ को तो स्पष्ट शब्दों में रद्द कर दिया है, लेकिन वसूले गए टैरिफ के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है, ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि वसूले गए टैरिफ को ट्रंप वापस करेंगे. अगर मामला कोर्ट तक पहुंचता है, तब भी इसमें काफी समय लगेगा और यह मुश्किल ही प्रतीत होता है कि ट्रंप, टैरिफ का पैसा वापस करेंगे.

ये भी पढ़ें : क्या है पैक्स सिलिका, जिसपर हस्ताक्षर करके भारत नयी टेक व्यवस्था का हिस्सा बना

क्या केरला स्टोरी 2 के रिलीज होने से समाज में हिंदू–मुस्लिम के बीच नफरत भड़केगी, क्या है मंशा?

क्या आप जानते हैं देश में कितने आईएएस 5 साल में चुने गए और बिहार के कितने ललना डीएम हुए?

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola