Good News: झारखंड के गांवों को चमका देंगी ये योजनाएं, नक्सल प्रभावित 14 जिलों के लिए विशेष कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से चमकेंगी गांव की सड़कें.
Good News: झारखंड सरकार ग्रामीण क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करके गांवों को चमका देगी. इसके लिए कई योजनाएं चल रहीं हैं. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 500 से अधिक की आबादी वाले क्षेत्र, जो सड़क से नहीं जुड़े हैं, में सड़कों का निर्माण किया जाये. गांवों में आधारभूत संरचना के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास, कृषि उत्पादकता और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. पक्की सड़क से गांवों को जोड़ा जाये, तो 12 महीने इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे गांवों का सामाजिक और आर्थिक विकास होगा.
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Good News: झारखंड सरकार ग्रामीण क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करके गांवों को चमका देगी. इसके लिए कई योजनाएं चल रहीं हैं. नक्सल प्रभावित जिलों के लिए विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है. सरकार ने कहा है राज्य के गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जायेगा. इसके लिए 4 योजनाओं का सहारा लिया जायेगा. नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए अलग से कार्यक्रम लिया गया है. झारखंड सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के जरिये गांव की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाया जायेगा. नक्सल प्रभावित जिलों के लिए रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज (RCPLWEA) कार्यक्रम चल रहे हैं. आईए, जानते हैं, झारखंड के गांवों के आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने वाली सभी 4 योजनाओं के बारे में.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 500 से अधिक की आबादी वाले क्षेत्र, जो सड़क से नहीं जुड़े हैं, में सड़कों का निर्माण किया जाये. सरकार का मानना है कि गांवों में आधारभूत संरचना के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास, कृषि उत्पादकता और रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इन सबका सीधा संबंध गरीबी से है. सरकार चाहती है कि इस योजना को लागू करके ग्रामीण क्षेत्र की एक-एक बसावट को पक्की सड़क से जोड़ा जाये, ताकि 12 महीने इनका इस्तेमाल किया जा सके. इससे गांवों का सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा.
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नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी बढ़ाना (RCPLWEA)
नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज (RCPLWEA) की शुरुआत की गयी है. इसका उद्देश्य न केवल उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए आर्थिक और सामाजिक रूप से संपन्न बनाना है, बल्कि उग्रवाद पर नियंत्रण करने के लिए प्रशासनिक प्राधिकार का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना है. इस योजना के लिए 16 जिलों का चयन किया गया था. इसमें से 2 जिलों को नक्सल प्रभावित जिलों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है. अब 14 जिले बचे हैं, जहां इस प्रोजेक्ट के तहत काम होगा. जिलों की लिस्ट इस प्रकार है :-
- बोकारो
- चतरा
- दुमका
- पूर्वी सिंहभूम
- गढ़वा
- गिरिडीह
- हजारीबाग
- खूंटी
- लातेहार
- लोहरदगा
- पलामू
- रामगढ़
- सिमडेगा
- पश्चिमी सिंहभूम
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना
झारखंड सरकार की इस योजना के तहत वैसे गांवों में सड़कों का निर्माण किया जाता है, जहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और आरसीपीएलडब्ल्यूईए के तहत सड़कें नहीं बनीं हैं. इस योजना का उद्देश्य गांवों में सभी मौसम में आवागमन के लिए उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण सड़कों की सुविधा प्रदान करते हुए वहां की आबादी और उत्पादों/सामग्रियों का आवागमन सुगम करना है. इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ाना है.
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मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना
मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत ग्रामीण सड़कों के बीच में पड़ने वाले नदी-नालों पर पुल का निर्माण करना है, ताकि गांवों का सभी मौसम में संपर्क बना रहे. बरसात में गांवों का संपर्क प्रखंड या जिला मुख्यालय से न कटे.
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मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना
वर्ष 2022-23 में झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना की शुरुआत की. इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों की आवश्यकता और यातायात को देखते हुए 5 वर्ष एवं इससे पहले बनने वाले क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और उसका सुदृढ़ीकरण किया जाता है. ग्रामीण कार्य विभाग ने 5 साल और उससे पहले बनी 15000 किलोमीटर सड़कों का सुदृढ़ीकरण करेगी, ताकि लोगों को और माल के आवागमन में कोई परेशानी न हो.
ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क योजनाएं और उसका बजट
| योजना का नाम | राज्य की हिस्सेदारी | केंद्र की हिस्सेदारी | कुल योजना आकार |
| मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना | 300 करोड़ रुपए | 000 | 300 करोड़ रुपए |
| प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना | 274 करोड़ रुपए | 410 करोड़ रुपए | 684 करोड़ रुपए |
| RCPLWEA | 50 करोड़ रुपए | 75 करोड़ रुपए | 125 करोड़ रुपए |
| मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना | 950 करोड़ रुपए | 000 | 950 करोड़ रुपए |
| मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना | 1375 करोड़ रुपए | 000 | 1375 करोड़ रुपए |
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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