झारखंड के छोटे शहरों में 17 निर्दलीयों का बोलबाला, 10 पर भाजपा और 9 पर झामुमो ने खाता खोला

झारखंड के 17 सीटों पर निर्दलीयों का कब्जा. फोटो: प्रभात खबर
Jharkhand Municipal Election: झारखंड नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में 39 छोटे शहरों में 17 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर दम दिखाया. भाजपा समर्थित 10 और झामुमो समर्थित 9 प्रत्याशी विजयी रहे. कांग्रेस को दो और माले को एक सीट मिली. कई जगहों पर स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत छवि निर्णायक रहे. शहरी मतदाताओं ने सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
Jharkhand Municipal Election: झारखंड की नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों में छोटे शहरी क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत छवि निर्णायक भूमिका में नजर आई. कई जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने प्रमुख दलों को कड़ी टक्कर देते हुए अपना दमखम दिखाया. वहीं, कुछ इलाकों में भाजपा और झामुमो के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला. इसके अलावा, दूसरे दलों की उपस्थिति सीमित रही. एनडीए और इंडिया गठबंधन में शामिल आजसू और राजद समर्थित किसी प्रत्याशी के जीतने की जानकारी नहीं है.
झारखंड के 17 शहरों में निर्दलीयों की सरकार
झारखंड के 39 छोटे शहरों में से 17 पर ऐसे प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, जिनको किसी दल का समर्थन मिला. वहीं, भाजपा समर्थित कुल 10 प्रत्याशियों को जीत मिली है, जबकि झामुमो समर्थित नौ प्रत्याशी जीतने में सफल रहे हैं. दो प्रत्याशी कांग्रेस और एक प्रत्याशी माले समर्थित है.
भाजपा ने संतुलित उपस्थिति दर्ज कराई
इस बार शहरी मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, जलापूर्ति, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को प्राथमिकता दी है. स्थानीय स्तर पर सक्रियता और व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखनेवाले प्रत्याशियों को बिना किसी दल के समर्थन के भी लाभ मिला. भाजपा और झामुमो ने अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती के दम पर प्रदर्शन किया. झामुमो का संताल और कोल्हान क्षेत्र में प्रभाव कायम दिखा, जबकि भाजपा ने विभिन्न जिलों में संतुलित उपस्थिति दर्ज कराई.
आठ नगर पंचायतों के विजेताओं को समर्थन नहीं
नगर परिषद और नगर पंचायतों के परिणाम को अलग-अलग देखा जाए, तो कुल 20 परिषदों में से पांच पर झामुमो, चार पर भाजपा, दो पर कांग्रेस और नौ पर ऐसे प्रत्याशियों को जीत मिली है, जिन्हें किसी भी दल का समर्थन नहीं मिला. वहीं, राज्य की 19 नगर पंचायतों में से छह पर भाजपा, चार पर झामुमो और एक पर माले समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. आठ नगर पंचायतों पर ऐसे प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया, जिन्हें किसी भी दल से समर्थन नहीं था. नगर पंचायतों में कांग्रेस समर्थित एक भी प्रत्याशी जीत का स्वाद नहीं चख सका.
इन 17 नगर पंचायतों में निर्दलीयों ने लहराया परचम
- हुसैनाबाद नगर पंचायत: अजय भारती
- हरिहरगंज नगर पंचायत: कुमारी शीला चौधरी
- छत्तरपुर नगर पंचायत: अरविंद गुप्ता
- श्री बंशीधरनगर नगर पंचायत: साधना देवी
- मझिआंव नगर पंचायत: सुमित्रा देवी
- लातेहार नगर पंचायत: महेश सिंह
- कोडरमा नगर पंचायत: साजिद हुसैन लल्लू
- बासुकीनाथ नगर पंचायत: वीणा देवी
- जामताड़ा नगर पंचायत: आशा गुप्ता
- गढ़वा नगर परिषद: आशीष सोनी उर्फ दौलत सोनी
- विश्रामपुर नगर परिषद: गीता देवी
- चतरा नगर परिषद: अताउर रहमान
- झुमरीतिलैया नगर परिषद: रमेश हर्षधर
- गोड्डा नगर परिषद: सुशील रमानी
- पाकुड़ नगर परिषद: शबरी पाल
- चिरकुंडा नगर परिषद: सुनीता देवी
- कपाली नगर परिषद: परवेज आलम
- सिमडेगा नगर परिषद: ओलिवर लकड़ा
इन सीटों पर भाजपा समर्थितों की जीत
- डोमचांच नगर पंचायत: उमेश वर्मा
- बड़कीसरैया नगर पंचायत: शोभा देवी
- धनवार नगर पंचायत: विनय कुमार संथालिया
- महागामा नगर पंचायत: प्रबोध सोरेन
- बरहरवा नगर पंचायत: अर्पिता दास
- खूंटी नगर पंचायत: रानी टूटी
- मिहिजाम नगर परिषद: जयश्री देवी
- मधुपुर नगर परिषद: मिती कुमारी
- लोहरदगा नगर परिषद: अनिल उरांव
- गुमला नगर परिषद: शकुंतला उरांव
झामुमो समर्थित उम्मीदवार
- बुंडू नगर पंचायत: जीतेंद्र उरांव
- राजमहल नगर पंचायत: केताबुद्दीन
- सरायकेला नगर पंचायत: मनोज कुमार चौधरी
- चाकुलिया नगर पंचायत: सोमवारी सोरेन
- साहिबगंज नगर परिषद: रामनाथ पासवान
- दुमका नगर परिषद: अभिषेक चौरसिया
- चकधरपुर नगर परिषद: शनि उरांव
- चाईबासा नगर परिषद: नितिन प्रकाश
- जुगसलाई नगर परिषद: नौशान खान
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कांग्रेस और माले समर्थित प्रत्याशी
- फुसरो नगर परिषद: निर्मला देवी
- रामगढ़ नगर परिषद: कुसुमलता कुमारी
- धनवार नगर पंचायत: विनय कुमार संथालिया
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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