4 लाख छात्रों की पढ़ाई ठप, सड़क पर उतरे झारखंड के वित्तरहित शिक्षक, हाईकोर्ट जाने की कर रहे तैयारी

Published by : Sameer Oraon Updated At : 30 Mar 2026 8:45 PM

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किसान मजदूर इंटर महाविद्यालय गिद्दी सी (हजारीबाग ) में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आवाह्न पर एक दिवसीय शैक्षणिक हड़ताल

Jharkhand Teachers Strike: स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा 223 संस्थानों का अनुदान रोकने के विरोध में, झारखंड के वित्तरहित शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं. रांची के धुर्वा से लेकर संताल परगना तक हाई स्कूलों और मदरसों के गेट पर लटके तालों ने सरकार को कड़ा संदेश दिया है. पढ़ें हड़ताल और हाईकोर्ट जाने की तैयारी पर हमारी विशेष रिपोर्ट.

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Jharkhand Teachers Strike, रांची : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 223 स्कूलों और इंटर कॉलेजों का अनुदान रोकने के विरोध में सोमवार को झारखंड में व्यापक शैक्षणिक हड़ताल रही. झारखंड वित्तरहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर, राज्यभर के लगभग 1250 शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद रहे. इस दौरान इंटर कॉलेज, हाई स्कूल, संस्कृत स्कूल और मदरसों के गेट पर ताले लटके रहे, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं.

10 हजार शिक्षक सड़कों पर, 4 लाख छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

हड़ताल के कारण करीब 10 हजार शिक्षक और कर्मचारी अपने-अपने संस्थानों के बाहर धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे. कई शिक्षकों ने विभाग के इस फैसले को अपनी आजीविका पर हमला बताते हुए, उपवास रखकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की. इस व्यापक विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य के करीब चार लाख छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिन्हें स्कूल पहुंचने के बाद वापस घर लौटना पड़ा.

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साजिश और दोहरे मापदंड का आरोप

मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि, दशकों से संचालित इन संस्थानों को बंद करने की एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है. उनका कहना है कि, बिना किसी ठोस प्रमाण के 90 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक विद्यालयों और मदरसों का अनुदान रोक दिया गया है, जबकि कुछ अन्य संस्थानों को शिकायतों के बावजूद राहत दी गई है. यह दोहरा मापदंड शिक्षकों के बीच भारी आक्रोश का कारण बना हुआ है.

हाईकोर्ट जाने की तैयारी, 2 अप्रैल को अहम बैठक

संघर्ष मोर्चा ने अब इस लड़ाई को कानूनी रूप देने का मन बना लिया है और जल्द ही झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी. आगामी रणनीति तय करने के लिए, 2 अप्रैल को रांची के धुर्वा स्थित सर्वोदय निकेतन स्कूल में राज्यभर के शिक्षक प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. नेताओं ने स्पष्ट किया है कि, जब तक अनुदान बहाल नहीं होता, उनका यह आंदोलन और तेज होगा.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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