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कोरोना से बचना है, तो कार में न करें एसी का इस्तेमाल, देखें, स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन में और क्या-क्या है?

Updated at : 14 Aug 2020 5:06 PM (IST)
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कोरोना से बचना है, तो कार में न करें एसी का इस्तेमाल, देखें, स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन में और क्या-क्या है?

Jharkhand News, Ranchi News, Air Condition in Car, Coronavirus Infection, Health Department Jharkhand, Nitin Madan Kulkarni: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए गाइडलाइंस जारी की. सरकारी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे कार में एसी का इस्तेमाल नहीं करें. यात्रा करते समय वाहन का शीशा खुला रखें और मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें.

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रांची : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए शुक्रवार (14 अगस्त, 2020) को कुछ गाइडलाइंस जारी की. इसमें सभी सरकारी कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे कार में एसी का इस्तेमाल नहीं करें. यात्रा करते समय वाहन का शीशा खुला रखें और मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें.

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने गुरुवार (13 अगस्त, 2020) को ही यह आदेश जारी किया. इसमें कई दिशा-निर्देश दिये गये हैं. राज्य के सभी 24 जिलों के उपायुक्तों को भेजे गये इस पत्र में कहा गया है कि सभी पदाधिकारी अपने आवास या आवासीय कार्यालयों में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी की आवश्यकता की समीक्षा करें.

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आवास या आवासीय कार्यालय में कम से कम कर्मचारियों को तैनात करें. इसी पत्र में आगे कहा गया है कि कार्यालयों में रहने वाले कर्मचारी छोटे बैरक अथवा कमरों में रहते हैं. ऐसी जगह रहते हैं, जहां 6 फुट की सामाजिक दूरी यानी सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करना संभव नहीं होता. इसलिए न्यूनतम कर्मचारियों को काम पर बुलायें, ताकि सोशल डिस्टैंसिंग का पालन किया जा सके.

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इतना ही नहीं, सरकारी कर्मचारियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करवायें. जिस किसी भी कर्मचारी में कोरोना के लक्षण दिखें, उन्हें तत्काल आइसोलेट करना सुनिश्चित करें. एक और दिशा-निर्देश यह है कि सरकारी अधिकारियों के आवास या आवासीय कार्यालय में जो भी लोग बाहर से आते हैं, वे चाहे कर्मचारी हों या अन्य अतिथि, उनका रिकॉर्ड अवश्य रखें.

आगंतुकों का रिकॉर्ड इसलिए रखने को कहा गया है, ताकि संबंधित आवास या कार्यालय में यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखते हैं या कोरोना से संक्रमित कोई व्यक्ति पाया जाता है, तो उन लोगों की ट्रेसिंग करने में आसानी हो. ज्ञात हो कि हाल के दिनों में मुख्यमंत्री आवास पर काफी संख्या में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आये हैं.

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झारखंड पुलिस मुख्यालय में आइजी रैंक के अफसर समेत करीब डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मी और अधिकारी कोरोना से संक्रमित हो गये थे. राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के अलावा झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी समेत कई दलों के विधायक और नेता कोरोना से संक्रमित पाये गये हैं. इसको देखते हुए इन दिशा-निर्देशों को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Posted By : Mithilesh Jha

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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