आदिवासी-दलित युवाओं को उद्योग लगाने का मौका, मुख्यमंत्री ने की घोषणा, आधी कीमत पर जमीन देगी सरकार
Updated at : 30 Jun 2019 7:05 AM (IST)
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रांची : आदिवासी और दलित युवाओं को उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार 50% सब्सिडी पर जमीन देगी. लाभुक को जमीन की कुल कीमत का केवल 50% ही भुगतान करना होगा. यह राशि भी पांच साल तक 10 किस्तों में भुगतान करने की सुविधा होगी. इस राशि पर कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा. इन समुदायों […]
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रांची : आदिवासी और दलित युवाओं को उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार 50% सब्सिडी पर जमीन देगी. लाभुक को जमीन की कुल कीमत का केवल 50% ही भुगतान करना होगा. यह राशि भी पांच साल तक 10 किस्तों में भुगतान करने की सुविधा होगी.
इस राशि पर कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा. इन समुदायों के कल्याण के लिए सरकार आदिवासी वित्त निगम, पिछड़ा वित्त निगम, अल्पसंख्यक वित्त निगम व अनुसूचित वित्त निगम को पांच-पांच करोड़ रुपये देगी. यह बातें सीएम रघुवर दास ने शनिवार को सीआइआइ की बैठक में कही.
आदिवासियों को गुमराह किया जा रहा : कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआइआइ) की द्वितीय ट्राइबल डेवलपमेंट मीट में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में गरीबी और बेरोजगारी समाप्त करने के लिए एससी और एसटी युवा वर्ग की सोच में परिवर्तन लाने की जरूरत है.
आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक युवाओं को राज्य सरकार विकसित समाज की श्रेणी में लाने के लिए काम कर रही है. ऐसे समुदाय के लोग भी भारतीय प्रशासनिक सेवा में जायें. चिकित्सक और इंजीनियर बनें. यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए आदिवासी युवाओं को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी.
दो माह का रोडमैप बना कर काम करें : मुख्यमंत्री ने सीआइआइ, दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स, आदिवासी इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स से कहा कि आप दो माह का रोडमैप बना कर काम करें. निवेशकों को भी बुलायें. झारखंड के 17 जिले पिछड़े में छह आकांक्षी जिलों की श्रेणी में आते हैं.
वहां के आदिवासी, दलित, अनुसूचित और अल्पसंख्यक युवाओं को रोजगार प्रदान कराने पर सरकार का ध्यान है. आनेवाले दिनों में आप लोग जिला और प्रखंड स्तर पर इस तरह का कार्यक्रम करें. छोटे उद्योगों को बैंक अधिक-से-अधिक लोन दें, ताकि रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें.
युवा स्टार्टअप और स्टैंडअप से जुड़ें
मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि आदिवासी, दलित, अनुसूचित और अल्पसंख्यक युवा अपनी सोच को बदलें. जैसे ही आप अपनी सोच बदलेंगे, आपका समाज स्वतः बदल जायेगा. युवा स्टार्टअप और स्टैंडअप से जुड़ें. छोटी कंपनियां बनायें और आगे आयें.
पंजीयन शुल्क को हटाया जाये :
ट्राइबल इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (टिक्की) के अध्यक्ष खेलाराम मुर्मू ने कहा कि आदिवासी माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (एमएसएमइ) बोर्ड का गठन किया जाये.
राज्य सरकार द्वारा निविदा में भाग लेनेे के लिए पंजीयन शुल्क को हटाया जाये. दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के चेयरमैन पद्मश्री मिलिंद कांबले ने कहा कि कोई भी परेशानी होने पर नेशनल एससी और एसटी हब में जा सकते हैं. हर तरह की मदद दी जायेगी. झारखंड के एससी-एसटी युवाओं के लिए जल्द ही इंडस्ट्रियल पॉलिसी की घोषणा की प्रतीक्षा है.
एमएसएमइ के निदेशक पीके गुप्ता ने कहा कि पेमेंट की समस्या है, तो एमएसएमइ समाधान पोर्टल में शिकायत कर सकते हैं. मौके पर उद्योग सचिव के. रवि कुमार, सीआइआइ (झारखंड) के चेयरमैन नीरजकांत, वाइस चेयरमैन संजय सबरवाल, सीआइआइ की को-कन्वेनर प्रीति सहगल, इंद्रनील घोष, जे जेवियर टोपनो, आनंद गोयल आदि उपस्थित थे.
50% सब्सिडी पर जमीन देगी सरकार
पांच सालों में कुल कीमत का 50% ही करना होगा भुगतान
इंटरेस्ट फ्री भुगतान करने की सुविधा
सरकार आदिवासी वित्त निगम, पिछड़ा वित्त निगम, अल्पसंख्यक वित्त निगम और अनुसूचित वित्त निगम को पांच-पांच करोड़ देगी
युवा स्टार्टअप से जुड़ें, छोटी कंपनियां बनायें और आगे आयें
आइएएस परीक्षा की तैयारी के लिए आदिवासी युवाओं को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता
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