रांची : बकरी बाजार स्टोर में तैनात सहायक ने नगर निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मी को पीटा

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सेप्टिक टैंक की सफाई को लेकर निगम के दो कर्मी भिड़े रांची : रांची नगर निगम से सेप्टिक टैंक की सफाई कराना शहरवासियों के लिए चुनौती बन गया है. तय राशि जमा करने के बावजूद जब तक बकरी बाजार स्टोर में कार्यरत कर्मचारियों की जेब गर्म नहीं की जाती, तब तक सेप्टिक टैंक वाहन गंदगी […]

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सेप्टिक टैंक की सफाई को लेकर निगम के दो कर्मी भिड़े
रांची : रांची नगर निगम से सेप्टिक टैंक की सफाई कराना शहरवासियों के लिए चुनौती बन गया है. तय राशि जमा करने के बावजूद जब तक बकरी बाजार स्टोर में कार्यरत कर्मचारियों की जेब गर्म नहीं की जाती, तब तक सेप्टिक टैंक वाहन गंदगी उठाने के लिए नहीं पहुंचते हैं. नगर निगम स्टोर में कार्यरत कर्मचारियों के मनमानी पर रोक लगाने के लिए हाल ही में नगर निगम की हेल्थ ऑफिसर डाॅ किरण ने आदेश भी जारी किया था. लेकिन, उस पर भी अमल नहीं हो रहा है.
बुकिंग के बावजूद सेप्टिक टैंक वाहन लोगों के घर नहीं पहुंचने की शिकायत पर नगर निगम मुख्यालय का एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी सोमवार को बकरी बाजार स्टोर पहुंचा. यह कर्मचारी ही नगर निगम मुख्यालय में सेप्टिक टैंक की बुकिंग के लिए पर्ची काटता है. स्टोर पहुंचकर इस कर्मचारी ने स्टोर के सहायक से सवाल किया कि बुकिंग के बाद भी आप लोग संबंधित लोगों के घर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए वाहन क्यों नहीं भेजते हैं? इस पर स्टोर के सहायक ने सीधा जवाब दिया, ‘तुम्हारा काम बुकिंग करना है, तुम बुकिंग करो.
हमको जब मन करेगा, तब गाड़ी भेजेंगे.’ इस पर चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ने कहा, ‘हम आपकी शिकायत नगर निगम के वरीय अधिकारियों से करेंगे.’ इस पर स्टोर के सहायक ने निगम के कर्मचारी की पिटाई कर दी. इससे नाराज कर्मचारी ने शाम को इसकी शिकायत अपर नगर आयुक्त से की.
तीन से पांच हजार तक होती है वसूली : सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए नगर निगम द्वारा भले की 1250 रुपये प्रति ट्रिप का दर निर्धारित की गयी है. लेकिन, सच्चाई यह है कि निगम के स्टोर में कार्यरत कर्मचारी पैसा जमा होने के बाद भी लोगों से तीन से लेकर पांच हजार तक की वसूली करते हैं.
जो व्यक्ति बुकिंग कराने के बाद भी इन्हें पैसा नहीं देता है, उनके घर वाहन को भेजा ही नहीं जाता है. जब व्यक्ति यह पूछने आता है कि आखिर पैसा जमा होने के बाद भी उसके घर वाहन क्यों नहीं भेजा जा रहा है. इस पर कहा जाता है कि गाड़ी अभी खराब है, जब गाड़ी ठीक होगी, भेज दिया जायेगा.

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